Himachal: एचपीटीडीसी होटलों को आउटसोर्स करने के फैसले पर चेयरमैन आरएस बाली ने उठाए सवाल, सरकार से की पुनर्विचार की मांग

हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) के 14 होटलों व यूनिट्स को ऑपरेट एंड मैनेजमेंट (O&M) मॉडल पर आउटसोर्स करने के सरकार के फैसले पर निगम के चेयरमैन आरएस बाली ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि इस निर्णय पर सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए, क्योंकि इस फैसले के लिए एचपीटीडीसी की ओर से कोई प्रस्ताव भेजा ही नहीं गया था। उनका कहना है कि 28 जून को हुई मंत्रिमंडल बैठक में फैक्ट्स और पूरी जानकारी के अभाव में यह फैसला लिया गया। इस फैसले के बाद से एचपीटीडीसी कर्मचारियों में असंतोष है और वे इसका विरोध कर रहे हैं। इस बीच आरएस बाली ने स्पष्ट किया है कि एचपीटीडीसी के होटल तीन श्रेणियों—ए, बी और सी—में बांटे गए हैं, जिनमें ए कैटेगरी में अधिक मुनाफा देने वाले, बी में सीमित मुनाफा और सी में घाटे में चल रहे होटल शामिल हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को इन होटलों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा कर फीजिबिलिटी स्टडी के बाद ही कोई निर्णय लेना चाहिए।

बाली ने बताया कि निगम के पास कुल 56 होटल हैं, जिनमें अधिकांश को केवल जीर्णोद्धार की आवश्यकता है। उन्होंने दावा किया कि यदि इन होटलों का सही तरीके से रेनोवेशन किया जाए तो ये कई गुना अधिक मुनाफा कमा सकते हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने एचपीटीडीसी के टर्नओवर को 78 करोड़ से बढ़ाकर 109 करोड़ रुपये तक पहुंचाया है और यह सुनिश्चित किया कि कभी भी टर्नओवर 100 करोड़ से नीचे न जाए। इस दौरान कर्मचारियों को समय पर वेतन और डीए भी मिलता रहा। उन्होंने यह भी बताया कि जब उन्होंने पद संभाला था तब निगम पर करीब 100 करोड़ रुपये की देनदारियां थीं, जिनमें से 40 करोड़ रुपये की देनदारी उन्होंने निगम की कमाई से चुका दी, और इसके लिए सरकार से कोई वित्तीय मदद नहीं ली।

बाली ने कहा कि अगर एशियन डिवेलपमेंट बैंक (ADB) से होटलों के रेनोवेशन के लिए फंड मिल जाए तो एचपीटीडीसी का टर्नओवर 200 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह निगम की सहायता करे ताकि घाटे में चल रहे होटलों की स्थिति सुधारी जा सके। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार एचपीटीडीसी के साथ कोई सौतेला व्यवहार नहीं कर रही है, लेकिन निगम को और अधिक समर्थन और प्यार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जब अन्य सरकारी निगमों और बोर्डों को ग्रांट मिलती है, तो एचपीटीडीसी को भी ग्रांट दी जानी चाहिए। कोरोना काल के दौरान मिले 18 करोड़ रुपये का उपयोग भी मुनाफे वाले होटलों के सुधार पर किया जा रहा है।

प्रेस वार्ता के दौरान बाली ने यह भी बताया कि उन्होंने एचपीटीडीसी के चेयरमैन पद पर रहते हुए एक रुपये का भी वेतन नहीं लिया है। उन्होंने यह स्वीकार किया कि सरकार की ओर से उन्हें वाहन उपलब्ध है, लेकिन वे हमेशा निजी वाहन से ही यात्रा करते हैं।

For advertisements inquiries on HIM Live TV, Kindly contact us!

Connect with us on Facebook and WhatsApp for the latest updates!

--Advertisement--

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

Kangra: कांगड़ा जिले में 25 अगस्त को सभी स्कूल-कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे

धर्मशाला, 24 अगस्त – कांगड़ा जिला में लगातार भारी...

Kangra: जरा याद करो कुर्बानी: कॉलेज में देशभक्ति का ऐसा जलसा कि हर छात्र हुआ भावुक!

राजकीय महाविद्यालय रिड़कमार की हिस्टॉरिकल सोसायटी ने आज “जरा...