Solan: भारत का सबसे बड़ा डिग्री घोटाला: MBU सोलन ने 36 हजार से ज्यादा फर्जी डिग्रियां ₹387 करोड़ में बेचीं

Date:

--Advertisement--

हिमाचल प्रदेश के सबसे चर्चित फर्जी डिग्री घोटाले में बड़ा खुलासा हुआ है। सोलन स्थित मानव भारती विश्वविद्यालय (MBU) के नाम पर हजारों फर्जी डिग्रियां बेचकर शातिर आरोपियों ने महज कुछ वर्षों में लगभग ₹387 करोड़ की काली कमाई की। इस घोटाले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हाल ही में जो तथ्य सामने रखे हैं, उनसे पूरे देश में हलचल मच गई है। जांच में सामने आया है कि यह डिग्री घोटाला संगठित रूप से चल रहा था, जिसमें एजेंटों की अहम भूमिका थी। ये एजेंट देश के 17 से अधिक राज्यों में सक्रिय थे और विश्वविद्यालय की अथॉरिटी और डिग्री खरीदारों के बीच संपर्क स्थापित करने का काम करते थे।

ईडी की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि फर्जी डिग्रियों के बदले नकद लेन-देन किया जाता था और यह काम हर शैक्षणिक सत्र के बाद तेजी से शुरू होता था। डिग्रियां बेचना एक नियमित प्रक्रिया की तरह चल रहा था, जिससे संबंधित कई एजेंटों ने भी अवैध संपत्तियां अर्जित कीं। ईडी ने इस मामले में अब तक तीन एजेंटों की ₹1.74 करोड़ मूल्य की 7 अचल संपत्तियों को अटैच किया है। साथ ही कुल ₹202 करोड़ की चल और अचल संपत्तियां भी अब तक जब्त की जा चुकी हैं।

मानव भारती विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 2009 में सोलन जिले में हुई थी, और आरोप है कि फर्जी डिग्री का यह धंधा 2010 से ही शुरू हो गया था। ईडी को जो जानकारी अब तक मिली है, उसके अनुसार इस विश्वविद्यालय के नाम पर 36,000 से अधिक फर्जी डिग्रियां बेची गईं। ये डिग्रियां न केवल हिमाचल प्रदेश में, बल्कि बाहरी राज्यों और कुछ मामलों में विदेशों तक में बेची गईं।

मामले की जांच के लिए ईडी ने सोलन जिले के धर्मपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज तीन प्राथमिकियों (FIRs) को आधार बनाया है। इन एफआईआर के तहत फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश जैसे आरोपों की जांच की जा रही है। प्रवर्तन निदेशालय इस पूरे प्रकरण को धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 (PMLA) के तहत देख रही है।

जांच एजेंसी का मानना है कि आने वाले समय में इस घोटाले से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। जिस तरह से नकद लेन-देन, प्रॉपर्टी की खरीद और नेटवर्क फैला हुआ था, उससे यह साफ है कि यह महज एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह का काम था। ईडी अब एजेंटों और विश्वविद्यालय से जुड़े अन्य लोगों की संपत्तियों और लेन-देन की गहन जांच कर रही है।

इस घोटाले ने पूरे शिक्षा क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है और निजी विश्वविद्यालयों की साख पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर जांच में और नाम सामने आते हैं, तो यह घोटाला देश के इतिहास में सबसे बड़े शिक्षा घोटालों में से एक के रूप में दर्ज हो सकता है।

For advertisements inquiries on HIM Live TV, Kindly contact us!

Connect with us on Facebook and WhatsApp for the latest updates!

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

spot_img

Popular

More like this
Related

Kangra: कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री रेणु बजवारिया का निधन, शाहपुर में शोक की लहर; सामाजिक कार्यों में रही अहम भूमिका

कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री और प्रदेश महिला कांग्रेस की पूर्व महासचिव रेणु बजवारिया का 58 वर्ष की उम्र में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन से शाहपुर और सुधेड़ क्षेत्र में शोक की लहर है।

Kullu: आनी में बाजार गई महिला लापता, पति की शिकायत पर अपहरण का मामला दर्ज; पुलिस ने शुरू की तलाश

कुल्लू जिले के आनी में बाजार गई एक महिला के वापस नहीं लौटने पर उसके पति ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायतकर्ता को आशंका है कि कोई व्यक्ति महिला को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। पुलिस ने BNS की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।

Kangra: चढ़ी में 450 विद्यार्थी दिखाएंगे वैज्ञानिक प्रतिभा, विधायक केवल सिंह पठानिया ने स्कूल और खेल मैदान के लिए किए 21 लाख रुपये देने...

कांगड़ा जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चढ़ी में 33वीं जिला स्तरीय चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस का शुभारंभ विधायक केवल सिंह पठानिया ने किया। दो दिवसीय आयोजन में करीब 450 विद्यार्थी हिस्सा लेंगे। विधायक ने स्कूल के विकास के लिए 10 लाख, खेल मैदान के लिए 10 लाख और कार्यक्रम के लिए एक लाख रुपये देने की घोषणा की।

Kangra: मेजर विजय सिंह मनकोटिया को राजकीय सम्मान न मिलने पर पूर्व सैनिकों में नाराजगी, कॉलेज का नाम उनके नाम पर रखने की मांग

शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व सैनिकों ने पूर्व मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया को राजकीय सम्मान नहीं दिए जाने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने राजकीय डिग्री कॉलेज शाहपुर का नाम उनके नाम पर रखने और क्षेत्र में उनकी प्रतिमा स्थापित करने की मांग की। पूर्व सैनिकों ने सरकार से राजकीय सम्मान के मापदंडों पर भी जवाब मांगा है।