Kangra: धर्मशाला में CM सुक्खू का बड़ा ऐलान! महाराणा प्रताप स्कूल को मिलेगी 1 करोड़ की सौगात, युवाओं को दिया खास संदेश

धर्मशाला, 17 जून 2026। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जिला कांगड़ा के महाराणा प्रताप इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, पठियार में आयोजित महाराणा प्रताप जयंती समारोह के दौरान बड़ा ऐलान करते हुए स्कूल में इंडोर स्टेडियम निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें त्याग, स्वाभिमान, स्वतंत्रता और राष्ट्रभक्ति का अमर प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री ने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया और स्मारिका का विमोचन भी किया।

धर्मगिरि पठियार में महाराणा प्रताप की 487वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक निर्भीक योद्धा ही नहीं, बल्कि दूरदर्शी नेतृत्वकर्ता भी थे, जिन्होंने कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने हल्दीघाटी के युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि यह युद्ध आज भी साहस, बलिदान और स्वतंत्रता व सम्मान के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक बना हुआ है।

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मुख्यमंत्री ने युवाओं से महाराणा प्रताप के आदर्शों का अनुसरण करने का आह्वान करते हुए कहा कि त्याग, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को अपनाकर वे राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सुशासन, ग्रामीण विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने प्रदेश की गौरवशाली देशभक्ति परंपरा का उल्लेख करते हुए मेजर सोमनाथ शर्मा, कर्नल डी.एस. थापा, कैप्टन विक्रम बत्रा और सूबेदार मेजर संजय कुमार जैसे वीर सैनिकों के बलिदान को याद किया। मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जुब्बल के फ्लाइट लेफ्टिनेंट अर्शवीर सिंह ठाकुर द्वारा दिखाए गए अद्वितीय साहस की भी सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश के हितों की रक्षा और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि 422 मेगावाट क्षमता वाली किशाऊ बांध परियोजना का मार्ग प्रशस्त हो चुका है और भारत सरकार ने परियोजना में हिमाचल प्रदेश के विद्युत घटक पर आने वाली लगभग 2,000 करोड़ रुपये की लागत वहन करने पर सैद्धांतिक सहमति दी है। परियोजना पूरी होने के बाद राज्य को प्रतिवर्ष लगभग 100 करोड़ यूनिट बिजली प्राप्त होगी, जिससे करीब 600 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व मिलने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में विवेकपूर्ण वित्तीय प्रबंधन के माध्यम से हजारों करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित की है और केंद्र सरकार के समक्ष राज्य के अधिकारों की मजबूती से पैरवी की है। मुख्यमंत्री ने ग्रीन बोनस, 110 मेगावाट शानन परियोजना की वापसी और भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड से लंबित बकाये की वसूली के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री ने कड़छम-वांगतू जलविद्युत परियोजना की रॉयल्टी से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट के हिमाचल प्रदेश के पक्ष में आए फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि इससे राज्य को प्रतिवर्ष लगभग 150 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी। उन्होंने वाइल्ड फ्लावर हॉल होटल मामले के सफल समाधान का भी उल्लेख किया, जिससे राज्य को हर साल 20 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हो रहा है।

शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने शत-प्रतिशत साक्षरता हासिल कर देश में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है और राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण में शीर्ष पांच राज्यों में जगह बनाई है। उन्होंने बताया कि पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा शुरू की गई है, राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं और चयनित सरकारी विद्यालयों में सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू किया गया है। साथ ही 5,400 से अधिक शिक्षकों की भर्ती और कौशल आधारित शिक्षा का विस्तार भी किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और ई-मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना शुरू की गई है। इसके तहत ई-टैक्सी खरीदने पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। इसके अलावा निजी भूमि पर सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए ब्याज अनुदान और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जा रही है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे निवेश का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा अधोसंरचना के आधुनिकीकरण और नई मशीनों की स्थापना के लिए लगभग 3,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थानों में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है, जिससे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रदेश से बाहर नहीं जाना पड़ रहा।

नशे की बढ़ती समस्या पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने जनसहभागिता के साथ ‘चिट्टा-मुक्त हिमाचल अभियान’ शुरू किया है। सूचना देने वालों के लिए पुरस्कार की व्यवस्था की गई है और उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि आगामी ‘खेलो इंडिया चिट्टा-मुक्त अभियान’ के माध्यम से युवाओं को खेलों और स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित किया जाएगा।

इस अवसर पर राजपूत कल्याण ट्रस्ट के अध्यक्ष कुलदीप ठाकुर, संरक्षक टी.सी. राणा और राजपूत कल्याण सभा के अध्यक्ष ने भी अपने विचार रखे। समारोह में आयुष, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादविंद्र गोमा, विधायक एवं एचपीटीडीसी के अध्यक्ष आर.एस. बाली, उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, सांसद अनुराग शर्मा, विधायक नीरज नैयर, पूर्व सांसद विप्लव ठाकुर और कृपाल परमार सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

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