शिमला में फोरलेन टनल से 8 मकानों में आईं दरारें, निर्माण पर रोक; 300 घरों पर खतरे का दावा, लोगों में दहशत

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शिमला के शांति विहार वार्ड के सिमेट्री और ढींगू बावड़ी क्षेत्र में फोरलेन टनल निर्माण के बीच कई रिहायशी भवनों में दरारें आने से लोगों में दहशत का माहौल है। क्षेत्र में आठ मकानों के फर्श, दीवारों और डंगों में दरारें आई हैं, जो लगातार बढ़ने की शिकायत सामने आई है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने टनल निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रोक दिया है और एनएचएआई को प्रभावित भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

शनिवार दोपहर बाद एडीएम प्रोटोकॉल ज्ञान सागर नेगी की अगुवाई में प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित मकानों का निरीक्षण किया। टीम ने भवन मालिकों और स्थानीय लोगों की शिकायतें सुनीं। निर्माण कंपनी के प्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने टनल निर्माण बंद रखने, मकानों में आई दरारों के वास्तविक कारणों की जांच कराने और भवनों को सुरक्षित करने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन का कहना है कि दरारों के कारणों की जांच की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही टनल निर्माण कार्य दोबारा शुरू करने की अनुमति दी जाएगी। निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों का गुस्सा भी सामने आया। लोगों ने फोरलेन टनल का निर्माण कर रही कंपनी और एनएचएआई को भवनों को हुए नुकसान के लिए जिम्मेदार ठहराया। उनका आरोप है कि निर्माण शुरू करने से पहले स्थानीय लोगों को विश्वास में नहीं लिया गया और भवनों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त एहतियाती कदम नहीं उठाए गए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय ब्लास्टिंग के दौरान मकानों में कंपन महसूस होता है और इसी के बाद दरारें आने की समस्या सामने आई। जमीन के अंदर दो समानांतर टनल का निर्माण किया जा रहा है। लोगों के अनुसार सर्वे में शामिल दस मकानों में से आठ में अंदर के फर्श, दीवारों और डंगों में दरारें आई हैं। भवन मालिकों और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि टनल निर्माण तुरंत बंद किया जाए और दरारों के कारणों की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या विशेषज्ञों से कराई जाए। लोगों का कहना है कि भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ही निर्माण कार्य दोबारा शुरू होना चाहिए।

करीब 300 मकानों को हो सकता है खतरा: संजय चौहान

पूर्व महापौर और नगर निगम शिमला के पूर्व महापौर संजय चौहान ने कहा कि जिस क्षेत्र से फोरलेन टनल का निर्माण किया जा रहा है, वहां ढाई से तीन सौ मकानों को खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने कहा कि एनएचएआई और निर्माण कंपनी को स्थानीय लोगों को विश्वास में लेकर काम करना चाहिए, ताकि उनकी संपत्ति को नुकसान न पहुंचे। निर्माण कार्य वैज्ञानिक तरीके और सभी जरूरी सुरक्षा उपायों के साथ आगे बढ़ना चाहिए। मौके के निरीक्षण के बाद उन्हें टनल निर्माण ही नुकसान का संभावित कारण प्रतीत हो रहा है। उन्होंने तकनीकी विशेषज्ञों से जांच करवाकर वास्तविक कारण सामने लाने की मांग की। संजय चौहान ने कहा कि लोगों की जान और संपत्ति की कीमत पर किसी तरह का विकास मंजूर नहीं होना चाहिए। यदि जांच में भविष्य में और नुकसान की आशंका सामने आती है तो टनल का एलाइनमेंट बदला जाना चाहिए।

भूवैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से जांच की मांग, जान-माल की सुरक्षा हो सुनिश्चित: विनीत शर्मा

शांति विहार के पार्षद विनीत शर्मा ने कहा कि क्षेत्र के आठ घरों में आई दरारों का कारण भूमिगत टनल निर्माण ही है। उन्होंने कहा कि टनल निर्माण से पहले एनएचएआई और निर्माण कंपनी ने स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों को विश्वास में नहीं लिया। उनके अनुसार भवन मालिक की ओर से शिकायत किए जाने के बाद कंपनी ने वीडियोग्राफी, कंपन का पता लगाने और दरारों के बढ़ने की स्थिति की निगरानी के लिए उपकरण लगाने शुरू किए हैं।

विनीत शर्मा ने कहा कि केवल दरारों वाले भवनों का निरीक्षण करना पर्याप्त नहीं है। जिस पूरे क्षेत्र से टनल का निर्माण हो रहा है, वहां वैज्ञानिक सर्वे और भूवैज्ञानिकों से निरीक्षण कराया जाना चाहिए। यदि टनल निर्माण के कारण नुकसान हुआ है तो भवन मालिकों को मुआवजा दिया जाए और भवनों को सुरक्षित किया जाए। उन्होंने प्रत्येक भवन की स्टेबिलिटी की रिपोर्ट तैयार करने और यह स्पष्ट करने की मांग की कि भवन आगे सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसा विकास नहीं चाहिए जिससे लोगों की सुरक्षा पर खतरा पैदा हो।

भवनों को हो रहे नुकसान की असल वजह सामने आए: राजेंद्र जस्टा

राजेंद्र जस्टा ने कहा कि शांति विहार के जिन मकानों में दरारें आई हैं, उनकी वास्तविक वजह पता लगाने के लिए जांच कराई जानी चाहिए। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही टनल निर्माण का काम आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों की उम्रभर की पूंजी उनके मकानों में लगी है और अब इन संपत्तियों पर खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में प्रशासन को लोगों और उनकी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।

रातों की नींद हराम, घरों में महसूस होता है कंपन: पूनम

शांति विहार सिमेट्री निवासी पूनम ने कहा कि रात के समय निर्माण कार्य शुरू होने पर घरों में कंपन साफ महसूस होता है और कुछ अजीब आवाजें भी सुनाई देती हैं। आठ मकानों में दरारें आने के बाद लोग लगातार डरे हुए हैं कि आगे क्या होगा। उन्होंने कहा कि ऐसा विकास स्वीकार नहीं है जिससे विनाश का खतरा पैदा हो। सरकार, प्रशासन और एनएचएआई को लोगों और उनके घरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही टनल निर्माण जारी रखने या रोकने का निर्णय लेना चाहिए।

टनल के एलाइनमेंट वाले हिस्से में ही हुआ घरों को नुकसान: राजेंद्र चौहान

राजेंद्र चौहान ने कहा कि जिस जगह भूमिगत टनल निर्माण का एलाइनमेंट है, उसी क्षेत्र में घरों को नुकसान हुआ है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि काम आगे बढ़ा तो नुकसान और बढ़ सकता है। इससे सैकड़ों भवन मालिकों और इनमें रहने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है। उनका कहना है कि आठ मकानों में आई दरारों से पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा हुई है। उन्होंने प्रशासन से टनल निर्माण के लिए जरूरी सुरक्षा इंतजाम करने और लोगों की संपत्ति को बचाने के लिए एहतियाती कदम उठाने की मांग की।

शिकायत के बाद जागे एनएचएआई और निर्माण कंपनी: अंशुल चौहान

अंशुल चौहान ने कहा कि शांति विहार के नीचे से जा रही दो समानांतर टनल में नीचे की ओर जाने वाली एक टनल के ऊपर एलाइनमेंट में आने वाले दस में से आठ भवनों में दरारें आई हैं। उनके अनुसार प्रशासन और एनएचएआई को शिकायत दिए जाने के बाद ही निर्माण कंपनी और एनएचएआई ने कार्रवाई शुरू की। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले भवनों और लोगों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त एहतियाती कदम नहीं उठाए गए। अब दरारों वाले घरों की वीडियोग्राफी और उपकरणों के जरिए मॉनिटरिंग शुरू की गई है। अंशुल चौहान ने टनल निर्माण बंद रखने, नुकसान के कारणों की जांच कराने और भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ही काम आगे बढ़ाने की मांग की।

करोड़ों की संपत्ति पर मंडरा रहा खतरा: सुरजीत सिंह

स्थानीय निवासी सुरजीत सिंह ने कहा कि उनके चार मंजिला मकान की सीढ़ियों और दीवारों में दरारें आ गई हैं, जिससे करोड़ों रुपये की संपत्ति पर खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने बताया कि इस भवन में चार परिवार रहते हैं। यदि दरारें और बढ़ती हैं तो परिवारों के पास मकान खाली करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। सुरजीत सिंह ने कहा कि ऐसा विकास नहीं चाहिए जो लोगों को उनकी संपत्ति से बेघर होने की स्थिति में पहुंचा दे और टनल का काम तुरंत बंद किया जाना चाहिए।

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