पठानकोट। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर पठानकोट प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। आरटीओ शंकर शर्मा के दिशा-निर्देशों पर परिवहन विभाग की टीम ने ‘सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी’ के तहत विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान सड़कों पर चल रही विभिन्न स्कूलों की बसों और वैनों को अचानक रोककर उनके दस्तावेजों के साथ-साथ सुरक्षा इंतजामों की बारीकी से जांच की गई।
सुरक्षा मानकों की गहन जांच
चेकिंग अभियान के दौरान अधिकारियों ने स्कूली वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र, इंश्योरेंस, प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) और चालक के ड्राइविंग लाइसेंस की जांच की। इसके अलावा वाहनों में लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली, स्पीड गवर्नर और इमरजेंसी एग्जिट गेट को भी जांचा गया। आपात स्थिति से निपटने के लिए फर्स्ट एड बॉक्स की स्थिति और फायर एक्सटिंग्विशर की एक्सपायरी डेट भी देखी गई।
खामियां मिलने पर चालान और सख्त चेतावनी
निरीक्षण के दौरान कई स्कूली वाहनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और दस्तावेजों में कमियां पाई गईं। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के मौके पर ही चालान किए गए। आरटीओ शंकर शर्मा ने स्पष्ट किया कि बच्चों की जिंदगी और सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में कोई भी स्कूली वाहन बिना वैध फिटनेस सर्टिफिकेट या गंभीर सुरक्षा खामियों के साथ सड़क पर पाया गया तो उसे तुरंत जब्त यानी सीज कर लिया जाएगा। आरटीओ ने सभी स्कूल प्रबंधकों और ट्रांसपोर्टरों को सरकारी आदेशों और ‘सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी’ के नियमों का 100 प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने की हिदायत दी।
अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील
कार्रवाई के दौरान सहायक परिवहन अधिकारी (एटीओ) सुभाष चंद्र ने अभिभावकों से भी सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि माता-पिता की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को जिस ऑटो, वैन या बस से स्कूल भेज रहे हैं, उसके सुरक्षा मानकों और चालक के व्यवहार पर नियमित नजर रखें। यदि कोई वाहन चालक नियमों की अनदेखी करता है तो इसकी सूचना तुरंत स्कूल प्रशासन या आरटीओ कार्यालय को दी जानी चाहिए।



For advertisements inquiries on HIM Live TV, Kindly contact us!
Connect with us on Facebook and WhatsApp for the latest updates!


