Kangra: शाहपुर में स्मॉल हाइव बीटल से मधुमक्खी पालन पर संकट, 40% नुकसान का आकलन; केवल सिंह पठानिया ने जल्द रिपोर्ट के दिए निर्देश

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शाहपुर में स्मॉल हाइव बीटल के बढ़ते प्रकोप से मधुमक्खी पालकों को हो रहे नुकसान को लेकर सरकार ने कार्रवाई तेज करने की पहल की है। मिनी सचिवालय शाहपुर में वीरवार को बागवानी विभाग की ओर से मधुमक्खी पालकों के लिए जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता शाहपुर के विधायक एवं उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने की। शिविर में स्मॉल हाइव बीटल से मधुमक्खियों को होने वाले नुकसान और इससे बचाव के उपायों पर जानकारी दी गई।

केवल सिंह पठानिया ने एसडीएम शाहपुर को संबंधित पंचायतों के पटवारियों के माध्यम से नुकसान का आकलन करवाकर जल्द विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर मामला मुख्यमंत्री और बागवानी मंत्री के समक्ष उठाया जाएगा, ताकि प्रभावित मधुमक्खी पालकों को आवश्यक सहायता दिलाई जा सके।

उन्होंने कहा कि मधुमक्खी पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है और कांगड़ा का शहद देशभर में अपनी पहचान रखता है। विधायक ने शाहपुर क्षेत्र के 29 पंजीकृत मधुमक्खी पालकों की सोसायटी गठित करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

बागवानी विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. कमलशील नेगी ने शिविर में स्मॉल हाइव बीटल और इसकी रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उत्तरी क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर अब तक 14 जागरूकता शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। जिला कांगड़ा में स्मॉल हाइव बीटल के कारण मधुमक्खी पालकों को करीब 32 प्रतिशत, जबकि शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में लगभग 40 प्रतिशत नुकसान का आकलन किया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में मधुमक्खी पालकों की सहायता के लिए बी-कीपिंग सेल भी स्थापित किया गया है।

इस अवसर पर डॉ. सुरेंद्र और डॉ. निशा ने स्मॉल हाइव बीटल के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए मधुमक्खियों और हाइव को सुरक्षित रखने के उपाय बताए। बागवानी विभाग के उपनिदेशक अलक्ष पठानिया ने विधायक को विभाग की ओर से उनके निर्देशों और सुझावों की अनुपालना सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।

मधुमक्खी पालकों ने उनकी समस्याओं को प्राथमिकता से सुनने और कार्रवाई शुरू करवाने के लिए विधायक केवल सिंह पठानिया का आभार जताया। उन्होंने सरकार से अन्य राज्यों की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश में भी शहद का न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी तय करने की मांग उठाने का आग्रह किया। साथ ही मुख्यमंत्री मधु विकास योजना के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध करवाने की मांग भी सरकार के समक्ष रखने का अनुरोध किया।

इस अवसर पर बागवानी विभाग की ओर से स्मॉल हाइव बीटल के आक्रमण और प्रबंधन से संबंधित प्रचार सामग्री भी मधुमक्खी पालकों को वितरित की गई।

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