हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में गाय और भैंसों में फैलने वाली जानलेवा बीमारी को लेकर पशुपालन विभाग ने बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू किया है। अधिकारियों के अनुसार यह बीमारी संक्रमित पशुओं की महज आठ घंटे के भीतर जान ले सकती है। इसी खतरे को देखते हुए जिले में अब तक करीब 12 हजार पशुओं का ‘हेमोरेजिक सेप्टीसीमिया’ (एचएस) के खिलाफ टीकाकरण किया जा चुका है।

पशुपालन विभाग यह विशेष अभियान पशुधन को एचएस जैसी घातक बीमारी से बचाने के उद्देश्य से चला रहा है। इस बीमारी को आमतौर पर ‘गलघोटू’ के नाम से जाना जाता है। यह एक गंभीर जीवाणुजनित (बैक्टीरियल) संक्रमण है, जो मुख्य रूप से गायों और भैंसों को प्रभावित करता है। विभाग के अनुसार इस बीमारी से संक्रमित पशु को तेज बुखार आता है, गले में गंभीर सूजन हो जाती है और कई मामलों में आठ से 24 घंटे के भीतर उसकी मौत हो सकती है।

हमीरपुर के पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. सुजय शर्मा ने पशुपालकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी गायों और भैंसों का समय पर टीकाकरण अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि समय पर लगाया गया टीका हेमोरेजिक सेप्टीसीमिया जैसी जानलेवा बीमारी से पशुओं की सुरक्षा करने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

पशुपालन विभाग द्वारा जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से निशुल्क टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। विभाग को इस अभियान के लिए करीब 60 हजार टीकों की खुराक प्राप्त हुई है और यह अभियान पूरे अगस्त महीने तक जारी रहेगा।

अधिकारियों ने बताया कि मानसून के दौरान एचएस बीमारी तेजी से फैलती है। यदि समय पर इलाज या टीकाकरण नहीं कराया गया तो पशुओं की जान जा सकती है। ऐसे में विभाग ने पशुपालकों से अपील की है कि वे इस निशुल्क टीकाकरण अभियान का लाभ उठाकर अपने पशुओं को सुरक्षित रखें।
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