कांगड़ा: शाहपुर उपमंडल की आपदा प्रभावित बोह घाटी में राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करने के लिए भारतीय सेना के 40 जवान गढ़गूंन और स्पैड़ा गांवों में तैनात कर दिए गए हैं। हालांकि लगातार हो रही बारिश के कारण गुरुवार को राहत अभियान शुरू नहीं किया जा सका। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने के साथ 36 परिवारों को 7.40 लाख रुपये की फौरी सहायता जारी की है। वहीं प्रभावितों के लिए विशेष राहत पैकेज तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

भारतीय सेना के सभी जवान फिलहाल स्थानीय स्कूल में प्रभावित परिवारों के साथ ठहरे हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि मौसम अनुकूल होते ही शुक्रवार से राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाई जाएगी। कांगड़ा के उपायुक्त हेमराज बैरवा ने बताया कि गुरुवार को क्षेत्र में किसी नई अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को कपड़े, खाद्य सामग्री और दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुओं की किट लगातार उपलब्ध कराई जा रही है।

उपायुक्त ने बताया कि फौरी राहत के तहत 19 प्रभावित परिवारों को 25-25 हजार रुपये और राहत किट प्रदान की गई है। इसके अलावा 17 अन्य परिवारों को 10-10 हजार रुपये की नकद सहायता दी गई है। इस तरह अब तक कुल 36 परिवारों को 7.40 लाख रुपये की अंतरिम राहत वितरित की जा चुकी है।


इस बीच राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा ने भी आपदा प्रभावितों की सहायता के लिए 25 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। प्रशासन ने कहा है कि मौसम सामान्य होते ही सेना और अन्य एजेंसियों के सहयोग से राहत एवं पुनर्वास कार्यों को और तेज किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिमला से दूरभाष के माध्यम से शाहपुर के विधायक एवं उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया से बातचीत कर बोह घाटी में बादल फटने से हुए नुकसान की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से भी फोन पर बात कर उन्हें हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि बादल फटने से सार्वजनिक और निजी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है तथा प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, पेयजल और अन्य आवश्यक सेवाओं की जल्द बहाली सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और वह जल्द ही स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का आकलन करेंगे। साथ ही आगामी दिनों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील भी की।
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राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने भी बोह घाटी में आई बाढ़ को भीषण त्रासदी बताते हुए कहा कि इससे 18 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देते हुए उन्हें सीनियर सेकेंडरी स्कूल में ठहराया गया है और प्रशासन युद्धस्तर पर राहत एवं पुनर्वास कार्यों में जुटा हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है और कई स्थानों पर सड़कों पर मलबा आने से यातायात बाधित है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और नुकसान का आकलन कर प्रभावित लोगों तक हरसंभव सहायता पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।

मीडिया से बातचीत के दौरान जगत सिंह नेगी ने राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहे नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस मामले से जुड़े घटनाक्रमों में 20 से अधिक छात्र-छात्राओं द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटनाएं बेहद दुखद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा केवल मंदिर-मस्जिद और पाकिस्तान जैसे मुद्दों पर राजनीति करती है और पिछले 12 वर्षों में उसके सभी वादे खत्म हो चुके हैं। उन्होंने देश की कानून-व्यवस्था पर भी चिंता जताते हुए कहा कि अंग्रेजों के शासनकाल में भी निहत्थे लोगों पर इस तरह लाठीचार्ज नहीं हुआ था जैसा आज देखने को मिल रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश में भी पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए हैं।
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