Kangra: कांगड़ा के नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को CM सुक्खू ने दिलाई शपथ, बोले- अगले 5 साल में आत्मनिर्भर बनेगा हिमाचल

धर्मशाला में आयोजित एक बड़े समारोह में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कांगड़ा जिले के नवनिर्वाचित पंचायत प्रधानों और उप-प्रधानों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस दौरान उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से पारदर्शिता, जनभागीदारी और सुशासन के साथ गांवों के विकास को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को प्रदेश को चिट्टा मुक्त बनाने और नशे के खिलाफ जन आंदोलन को मजबूत करने का सामूहिक संकल्प भी दिलाया।

दाड़ी मैदान में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायतें भारतीय लोकतंत्र की सबसे मजबूत इकाई हैं और ग्राम स्वराज की अवधारणा को साकार करने में उनकी अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि सरकार और जनता के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं और गांवों में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, सामाजिक समरसता और जनकल्याण सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार व्यवस्था परिवर्तन के संकल्प के साथ हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने दावा किया कि वित्तीय अनुशासन और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन से सरकार ने अतिरिक्त राजस्व अर्जित किया है और हिमाचल के अधिकारों की मजबूती से पैरवी की जा रही है। उन्होंने 422 मेगावाट क्षमता वाली किशाऊ बांध परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे भविष्य में प्रदेश को बड़ी आर्थिक मजबूती मिलेगी। परियोजना के पूर्ण होने पर हिमाचल को प्रतिवर्ष लगभग 100 करोड़ यूनिट बिजली मिलेगी, जिससे करीब 600 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व प्राप्त होने की संभावना है।

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मुख्यमंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गाय के दूध का समर्थन मूल्य 32 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये और भैंस के दूध का समर्थन मूल्य 47 रुपये से बढ़ाकर 71 रुपये प्रति लीटर किया गया है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य दे रही है और ‘हिम’ ब्रांड के तहत प्राकृतिक उत्पादों की ब्रांडिंग भी की जा रही है।

युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही पुलिस विभाग में 800 कांस्टेबल पदों पर भर्ती की जाएगी। उन्होंने बताया कि राजीव गांधी स्वरोजगार योजनाओं और विभिन्न सरकारी पहलों के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रदेश में बढ़ते नशे को गंभीर चुनौती बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘एंटी-चिट्टा जन आंदोलन’ को पूरे प्रदेश में जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से अपनी पंचायतों को नशा मुक्त बनाने और युवाओं को खेल, शिक्षा तथा सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने का आग्रह किया।

शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे सुधारों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा शुरू की गई है और प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में आधुनिक मशीनों और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के लिए बड़े स्तर पर निवेश किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा को पर्यटन राजधानी घोषित करने के बाद पर्यटन क्षेत्र में नई संभावनाएं खुली हैं और कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधि ईमानदारी, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करेंगे और आदर्श पंचायतों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

कार्यक्रम में कृषि मंत्री चंद्र कुमार, आयुष एवं खेल मंत्री यादविंद्र गोमा, सांसद अनुराग शर्मा, विधायक आर.एस. बाली, भवानी सिंह पठानिया, केवल सिंह पठानिया, संजय रतन, किशोरी लाल, कमलेश ठाकुर, मलेंद्र राजन, आशीष बुटेल सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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