प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रव्यापी ‘नशा मुक्त युवा–विकसित भारत संकल्प अभियान’ के शुभारंभ के अवसर पर राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा प्रयास भवन में प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, एनएसएस स्वयंसेवियों और प्राध्यापकों ने भाग लिया तथा नशामुक्त भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया। पूरे आयोजन के दौरान राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरक माहौल देखने को मिला।

कार्यक्रम की शुरुआत एनएसएस गीत के साथ हुई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि तरसेम जरयाल का पुष्पगुच्छ, एनएसएस कैप और बैज पहनाकर स्वागत एवं सम्मान किया गया। कार्यक्रम संयोजक डॉ. अमित कटोच और विशेष अतिथि प्रो. राधेश्याम को भी एनएसएस कैप एवं बैज पहनाकर सम्मानित किया गया। वहीं एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी प्रो. निशेश कतवाल और डॉ. दीपिका ठाकुर वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े रहे और आयोजन के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम संयोजक डॉ. अमित कटोच ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति के जीवन को नहीं, बल्कि पूरे परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति को प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, खेल, कौशल विकास, नवाचार और सामाजिक सेवा को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब युवा अपनी ऊर्जा सही दिशा में लगाएंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि “नशा छोड़ो, लक्ष्य से जुड़ो। युवा की पहचान उसकी प्रतिभा है, न कि नशा।”

मुख्य अतिथि तरसेम जरयाल ने कहा कि ‘नशा मुक्त युवा–विकसित भारत’ केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि देश के उज्ज्वल भविष्य का राष्ट्रीय जनआंदोलन है। उन्होंने कहा कि नशे की शुरुआत अक्सर जिज्ञासा, गलत संगति या क्षणिक आकर्षण से होती है, लेकिन इसका परिणाम व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए विनाशकारी साबित होता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने, अपने मित्रों को भी जागरूक करने तथा शिक्षा, अनुशासन, खेल और राष्ट्र सेवा को जीवन का लक्ष्य बनाने की अपील की। इस दौरान उन्होंने सभी विद्यार्थियों को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई।
सुबह 11 बजे महाविद्यालय के विद्यार्थियों और एनएसएस स्वयंसेवियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्रव्यापी वर्चुअल संबोधन उत्साह के साथ सुना। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश का युवा शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ, आत्मविश्वासी और नशे से पूरी तरह मुक्त होगा। उन्होंने बताया कि ‘नशा मुक्त युवा–विकसित भारत संकल्प अभियान’ अगले 100 सप्ताह तक पूरे देश में चलाया जाएगा, जिसके तहत प्रत्येक रविवार को खेल, कला, संगीत, सांस्कृतिक और जन-जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा दी जाएगी।

प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद सभी विद्यार्थियों और स्वयंसेवियों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन ई-प्लेज (e-Pledge) के माध्यम से नशा मुक्ति की शपथ ली। विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करेंगे, न ही किसी अन्य को इसके लिए प्रेरित करेंगे। साथ ही अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। विद्यार्थियों को माय भारत पोर्टल पर पंजीकरण कर इस राष्ट्रव्यापी अभियान का डिजिटल भागीदार बनने के लिए भी प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक, माइम और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से नशे की भयावहता, टूटते परिवारों की पीड़ा और युवाओं के भविष्य पर उसके दुष्प्रभावों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। कलाकारों की प्रस्तुति ने उपस्थित सभी लोगों को भावुक करते हुए समाज को नशे के खिलाफ मजबूत संदेश दिया कि युवाओं के हाथों में नशा नहीं, बल्कि हुनर होना चाहिए।

पूरे आयोजन में एनएसएस स्वयंसेवियों की अनुशासन, सेवा भावना और नेतृत्व क्षमता की सराहना की गई। छात्र पदाधिकारी मोहित कल्याण, इपशिता, श्यामली, गौरव, राहुल और अजय ने कार्यक्रम के सफल संचालन में उल्लेखनीय योगदान दिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। अंत में सभी विद्यार्थियों ने एक स्वर में संकल्प दोहराया कि वे जीवनभर नशे से दूर रहेंगे, समाज में जागरूकता फैलाएंगे और विकसित भारत के निर्माण में जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगे।
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