बिलासपुर, 2 अगस्त: हिमाचल प्रदेश सरकार जिला बिलासपुर और विशेष रूप से घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए बड़े स्तर पर काम कर रही है। नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य उपभोक्ताओं को निर्बाध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना है। इसके लिए नए विद्युत उपकेंद्रों की स्थापना, 33 केवी विद्युत लाइनों के निर्माण और उन्नयन, वितरण ट्रांसफार्मरों की स्थापना तथा उनकी क्षमता बढ़ाने जैसे कई विकास कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।

राजेश धर्माणी ने बताया कि घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में अब तक 16 नए वितरण ट्रांसफार्मर (डीटीआर) स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि 22 ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि का कार्य भी पूरा हो चुका है। इन कार्यों से क्षेत्र में कम वोल्टेज और ओवरलोडिंग जैसी समस्याओं में राहत मिलेगी तथा उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

उन्होंने बताया कि घुमारवीं में 33/11 केवी क्षमता के 2×6.30 एमवीए विद्युत उपकेंद्र की स्थापना के लिए 1204.12 लाख रुपये की योजना स्वीकृत हो चुकी है। इसके अलावा बम्म में 33/11 केवी क्षमता के 2×3.15 एमवीए विद्युत उपकेंद्र का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिसे अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, बडोल देवी में लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत से 33 केवी विद्युत उपकेंद्र स्थापित करने को भी मंजूरी मिल चुकी है। इसके बनने से अमरपुर, पनौल, भगेड़ सहित करीब 70 गांवों को लाभ मिलेगा और क्षेत्र की बिजली आपूर्ति क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि बिजली वितरण नेटवर्क को और अधिक मजबूत बनाने के लिए कंदरौर से कांगू तक 33 केवी लाइन की रिकंडक्टिरिंग का कार्य तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही कोटला (बिझड़) से झबोला (झंडूत्ता) तक नई 33 केवी विद्युत लाइन का निर्माण भी प्रगति पर है।

उन्होंने बताया कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एम्स से भगेड़ और एम्स से बडोल देवी तक दो नई 33 केवी विद्युत लाइनों का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसकी अनुमानित लागत करीब 10 करोड़ रुपये है। इसके अलावा 33 केवी कंदरौर-बामटा लाइन के नवीनीकरण का कार्य भी पूरा कर लिया गया है, जिससे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुई है।
राजेश धर्माणी ने कहा कि पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत अगले छह महीनों में घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में 60 नए वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएंगे और 55 ट्रांसफार्मरों की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। इन कार्यों के पूरा होने के बाद ओवरलोडिंग की समस्या कम होगी, वोल्टेज में सुधार आएगा और उपभोक्ताओं को बेहतर एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बिजली क्षेत्र में दीर्घकालिक सुधारों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आधुनिक तकनीक, मजबूत अधोसंरचना और योजनाबद्ध निवेश के जरिए बिजली व्यवस्था को लगातार सशक्त बनाया जा रहा है, ताकि हर घर, किसान, व्यापारी और उद्योग को गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध हो सके। उन्होंने विश्वास जताया कि घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र की बिजली व्यवस्था प्रदेश के सबसे मजबूत विद्युत नेटवर्कों में शामिल होगी।
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