दिल्ली में आयोजित एआई समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी विवाद को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवा साथियों की गिरफ्तारी के विरोध में युवा कांग्रेस ने रविवार को शिमला में केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाने की कोशिश की, लेकिन मौके पर तैनात पुलिस ने समय रहते हस्तक्षेप कर प्रयास को विफल कर दिया। पुतले पर पेट्रोल भी छिड़का जा चुका था, लेकिन पुलिस की सख्त घेराबंदी के कारण प्रदर्शनकारी उसमें आग नहीं लगा सके। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी देखने को मिली।

यह प्रदर्शन युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष छतर सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित किया गया, जिसमें युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी शेष नारायण ओझा भी मौजूद रहे। युवा कांग्रेस ने राजीव भवन से पुराने बस स्टैंड तक रैली निकाली और प्रधानमंत्री तथा केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने केंद्र सरकार पर लोकतंत्र विरोधी और तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
छतर सिंह ठाकुर ने कहा कि निजी यूनिवर्सिटी के माध्यम से हुई अंतर्राष्ट्रीय बेईमानी के मामले में प्रधानमंत्री और पूरी केंद्र सरकार को तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने एप्सीटन फाइल्स का उल्लेख करते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय एआई समिट में जिस तरह निजी यूनिवर्सिटी के झूठ को समर्थन दिया गया, वह बेहद शर्मनाक है।

युवा कांग्रेस ने दिल्ली में गिरफ्तार अपने साथियों की तुरंत रिहाई की मांग भी उठाई। छतर ठाकुर ने कहा कि गिरफ्तार कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज सभी मामले वापस लिए जाएं और केंद्र सरकार देश की जनता से माफी मांगे। प्रदर्शन में राज्य महासचिव आर्यन चौहान, योगेश ठाकुर योगी, अतुल ठाकुर, प्रकाश कन्याल, मनोज, अरुण ठाकुर, नरेंद्र, हार्दिक भंडारी, रोहित कश्यप सहित शिमला जिला के युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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