Kangra: कांगड़ा के राजकीय महाविद्यालय रिड़कमार में सांख्यिकी पर खास कार्यशाला, 70 विद्यार्थियों ने सीखा डेटा का असली महत्व

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जिला कांगड़ा के राजकीय महाविद्यालय रिड़कमार में विद्यार्थियों के लिए सांख्यिकी जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग द्वारा हिमाचल प्रदेश सरकार के अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया, जबकि इसे भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (MoSPI) का प्रायोजन प्राप्त था। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सांख्यिकी के महत्व से परिचित कराना और उन्हें वर्तमान समय में सांख्यिकीय ज्ञान की उपयोगिता के बारे में जागरूक बनाना था। कार्यक्रम के दौरान कई शैक्षणिक और बौद्धिक गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत 10 मार्च 2026 को आयोजित निबंध लेखन प्रतियोगिता से हुई। इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने सांख्यिकी के महत्व से जुड़े विषयों पर अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए। परिणामों में तृतीय वर्ष की छात्रा रक्षा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं तृतीय वर्ष की छात्राएं पूजा और महक ने संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान हासिल किया। प्रथम वर्ष की छात्रा अर्चना ने अपनी प्रभावशाली अभिव्यक्ति के दम पर तृतीय स्थान प्राप्त किया।

इसके बाद 11 मार्च 2026 को महाविद्यालय परिसर में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 70 विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यशाला में प्रो. हाकम चंद, सहायक आचार्य (अर्थशास्त्र), मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने तीन अलग-अलग सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को “हमारे दैनिक जीवन में सांख्यिकी का महत्व” विषय पर सरल, रोचक और ज्ञानवर्धक शैली में विस्तार से जानकारी दी। अपने व्याख्यान में उन्होंने बताया कि आज के दौर में सांख्यिकी केवल आंकड़ों की गणना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नीति निर्माण, आर्थिक विकास, शोध कार्य, शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाती है।

कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने भी सक्रिय भागीदारी दिखाई और विषय से जुड़े कई सवाल पूछे। प्रो. हाकम चंद ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का विस्तार से समाधान किया, जिससे कार्यक्रम और भी रोचक बन गया। महाविद्यालय प्रशासन ने इस तरह के कार्यक्रमों को विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन, विश्लेषणात्मक सोच और व्यक्तित्व विकास के लिए बेहद उपयोगी बताया।

इस कार्यक्रम का सफल और सुव्यवस्थित आयोजन राजकीय महाविद्यालय रिड़कमार के अर्थशास्त्र विभाग द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को भविष्य में भी ऐसी शैक्षणिक और जागरूकता गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि वे अपने ज्ञान और कौशल को और बेहतर बना सकें।

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