हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट के विस्तार की संभावना अब बेहद कम नजर आ रही है। एयरपोर्ट की टेबल-टॉप लोकेशन और सीमित रनवे इसकी सबसे बड़ी चुनौती बने हुए हैं। ऐसे में पर्यटन और बेहतर हवाई कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए राज्य में नए एयरपोर्ट की जरूरत पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इस मुद्दे पर शिमला एयरपोर्ट एडवाइजरी कमेटी की बैठक में विस्तार से चर्चा हुई, जिसकी अध्यक्षता सांसद सुरेश कश्यप ने की।

बैठक में यात्रियों के लिए अच्छी खबर भी सामने आई। जल्द ही शिमला से अमृतसर के लिए नई उड़ान सेवा शुरू की जाएगी, जिससे हिमाचल प्रदेश की हवाई कनेक्टिविटी को और मजबूती मिलेगी। हालांकि जुब्बड़हट्टी से कुल्लू-मनाली के लिए नियमित हवाई सेवा शुरू होने की संभावना फिलहाल काफी कम बताई गई है।
बैठक के दौरान एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए नए वैकल्पिक एयरपोर्ट की संभावनाओं पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट को पीपीपी मॉडल पर देने की चल रही चर्चाओं को भी खारिज किया और स्पष्ट किया कि सरकार फिलहाल मौजूदा एयरपोर्ट की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर ही ध्यान दे रही है।

उन्होंने कहा कि जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट की सीमित रनवे और भौगोलिक परिस्थितियां बड़े विमानों के संचालन में सबसे बड़ी बाधा हैं। इसी वजह से एयरपोर्ट का विस्तार करना आसान नहीं है। बैठक में एयरपोर्ट निदेशक सतीश कुमार ने विभिन्न विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए।
यात्रियों के लिए एक और राहत की खबर यह रही कि शिमला से दिल्ली की उड़ान का किराया अब करीब 7,500 रुपये तय किया गया है। पहले यही किराया 20 से 22 हजार रुपये तक पहुंच जाता था। किराए में आई इस कमी से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और प्रदेश में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
बैठक में एयरपोर्ट पर यात्रियों की सुविधाएं बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए। एयरपोर्ट परिसर में वन-स्टॉप टूरिस्ट हेल्प सेंटर स्थापित किया जाएगा, जहां पर्यटकों को होटल, टैक्सी और चिकित्सा सुविधाओं से जुड़ी जानकारी एक ही स्थान पर मिलेगी। इसके अलावा बर्ड हिट की घटनाओं को रोकने के लिए एयरपोर्ट के आसपास ठोस कचरा प्रबंधन को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए जाएंगे।

यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उड़ानों के दौरान एयरपोर्ट पर डॉक्टर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 108 एंबुलेंस भी हर समय तैनात रहेगी। एयरपोर्ट रोड पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए वैकल्पिक सड़क बनाने की योजना पर भी चर्चा हुई। इस संबंध में 20 जुलाई को उप-जिलाधिकारी कंडाघाट और संबंधित विभाग संयुक्त निरीक्षण करेंगे, जिसके बाद परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।
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