कांगड़ा में चिन्मय अमृत महोत्सव में राज्यपाल कविंद्र गुप्ता का बड़ा संदेश, बोले- भारत की महान ज्ञान परंपरा ही हमारी पहचान

Date:

--Advertisement--

कांगड़ा, 19 सितंबर। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने शनिवार शाम सिद्धबाड़ी स्थित चिन्मय तपोवन आश्रम, संदीपनी हिमालय में आयोजित चिन्मय अमृत महोत्सव में भाग लिया। यह आयोजन चिन्मय मिशन की 75 वर्षों की आध्यात्मिक एवं सामाजिक यात्रा और पूज्य गुरुदेव स्वामी चिन्मयानंद जी के प्रेरणादायी जीवन एवं योगदान को समर्पित था। चिन्मय मिशन की ओर से सिद्धबाड़ी में 18 से 21 सितंबर तक चिन्मय अमृत यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। 

कार्यक्रम के दौरान चिन्मय मिशन की 75 वर्षों की यात्रा, आध्यात्मिक गतिविधियों और समाज सेवा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को भी स्मरण किया गया। राज्यपाल ने कहा कि चिन्मय मिशन ने भारतीय आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण, संवर्धन तथा उनके संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि स्वामी चिन्मयानंद जी के विचारों ने देश-विदेश में लोगों को भारतीय दर्शन, संस्कृति और आध्यात्मिक जीवन से जोड़ने का कार्य किया।

राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि भारतीय संस्कृति में ज्ञान, सेवा, साधना और मानव कल्याण की समृद्ध परंपरा रही है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने के साथ समाज में सकारात्मक मूल्यों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि भारत की महान ज्ञान परंपरा, आध्यात्मिक चेतना और सेवा-संस्कृति का भाव हमारी पहचान है। हमारी संस्कृति ने हमेशा पूरे विश्व को एक परिवार के रूप में देखने का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना भारत की इसी महान परंपरा को दर्शाती है।

राज्यपाल ने कहा कि इस तरह के आयोजन लोगों को अपनी संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों से जोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से मानव जीवन को श्रेष्ठ बनाने का मार्ग दिखाया। गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि जीवन को सही दिशा देने और कर्तव्य का बोध कराने वाली महान प्रेरणा है।

उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में ज्ञान, भक्ति और सेवा को विशेष महत्व दिया गया है। राज्यपाल ने कहा, “ज्ञान हमें सत्य का बोध कराता है, भक्ति हमारे भीतर श्रद्धा और विनम्रता का भाव पैदा करती है तथा सेवा हमें ‘मैं’ से ‘हम’ की ओर ले जाती है। यही सोच समाज और राष्ट्र को आगे बढ़ाने की शक्ति प्रदान करती है।”

राज्यपाल ने कहा कि विज्ञान और तकनीक ने आज मानव जीवन में अभूतपूर्व बदलाव किए हैं। ऐसे समय में आधुनिकता के साथ अपनी संस्कृति, परंपराओं और मानवीय मूल्यों को बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक है, जब उसके केंद्र में मानवता और समाज का कल्याण हो। भारत ने हमेशा पूरे विश्व के कल्याण की कामना की है और हमारी सनातन चेतना का मूल भाव “सर्वे भवन्तु सुखिनः” है। उन्होंने सभी से इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए विश्व कल्याण के लिए काम करने का आह्वान किया।

कविंद्र गुप्ता ने कहा कि युवा पीढ़ी देश की सबसे बड़ी शक्ति है। युवाओं में संस्कार, राष्ट्रभक्ति, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी महान संस्कृति और परंपराओं से जोड़ते हुए उन्हें आधुनिक ज्ञान एवं तकनीक के साथ आगे बढ़ने के अवसर देने होंगे।

उन्होंने कहा कि भारत की सनातन चेतना, ज्ञान परंपरा और सेवा भावना को आगे बढ़ाकर न केवल राष्ट्र को समृद्ध किया जा सकता है, बल्कि पूरे विश्व के कल्याण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।

कार्यक्रम में कांगड़ा लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा का संदेश भी पढ़कर सुनाया गया। स्वामी मित्रानंद ने चिन्मय मिशन की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा तथा पूज्य गुरुदेव स्वामी चिन्मयानंद जी के जीवन और योगदान पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में वरिष्ठ आचार्य परमशेखर स्वामी माधवानंद, स्वामी अनुकूलानंद, पद्मश्री क्षमा मैत्रेय, ट्रस्टी डॉ. राजन गुप्ता, उपायुक्त हेमराज बैरवा, पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा सहित चिन्मय मिशन से जुड़े पदाधिकारी, साधक और श्रद्धालु मौजूद रहे। राज्यपाल कविंद्र गुप्ता हिमाचल प्रदेश के वर्तमान राज्यपाल हैं। 

Advertisement
Advertisement
Advertisement

For advertisements inquiries on HIM Live TV, Kindly contact us!

Connect with us on Facebook and WhatsApp for the latest updates!

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

spot_img

Popular

More like this
Related

दिवाली की खुशियां मातम में बदलीं, बेटे की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाई 85 वर्षीय मां; कुछ घंटों में गई दोनों की...

हमीरपुर के बड़सर क्षेत्र के समोह गांव में एक ही दिन में मां और बेटे की मौत से परिवार में मातम छा गया। 63 वर्षीय बलदेव सिंह की अचानक मौत के कुछ ही घंटों बाद उनकी 85 वर्षीय मां ज्ञानो देवी की भी तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

HRTC यात्रियों के लिए जरूरी खबर! आज शाम 5 बजे से 15 घंटे बंद रहेंगी लोकल बसें, जानें किन रूटों पर मिलेगी सुविध

विश्वकर्मा दिवस के चलते HRTC रविवार शाम 5 बजे से सोमवार सुबह 8 बजे तक हिमाचल प्रदेश में लोकल बस सेवाएं बंद रखेगा। हालांकि, शिमला-धर्मशाला और दिल्ली से कुल्लू, मंडी व चंबा के लिए बसें चलेंगी। दिवाली पर निगम ने 266 अतिरिक्त बसों का संचालन भी किया।

दीपावली पर हिमाचल में अलर्ट मोड पर अग्निशमन विभाग, 850 कर्मियों की तैनाती; पटाखे जलाने से पहले जरूर जान लें ये जरूरी बातें

दीपावली पर आगजनी की घटनाओं से निपटने के लिए हिमाचल प्रदेश अग्निशमन विभाग ने करीब 850 कर्मियों और गृह रक्षकों की तैनाती की है। अग्निशमन वाहन और उपकरण अलर्ट मोड पर हैं। विभाग ने लोगों से सुरक्षित तरीके से आतिशबाजी करने और आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों पर सूचना देने की अपील की है।

शादी के 4 दिन बाद ही ससुराल से लापता हुई नवविवाहिता, परिवार का आरोप- 16 लाख के गहने और 1.80 लाख रुपये भी गायब

बिलासपुर के भराड़ी क्षेत्र में शादी के चार दिन बाद 22 वर्षीय नवविवाहिता के लापता होने का मामला सामने आया है। परिवार का आरोप है कि घर से करीब 16 लाख रुपये के सोने-चांदी के गहने और 1.80 लाख रुपये की नकदी भी गायब है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।