हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में गगल एयरपोर्ट के आसपास कथित बेनामी भूमि सौदे के मामले में विजिलेंस ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के आधार पर धर्मशाला थाने में दंपती, एक फर्म के संचालक और पटवार वृत्त खोली के तत्कालीन पटवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। बेनामी भूमि सौदों से जुड़ा यह दूसरा मामला है, जिसमें विजिलेंस ने आपराधिक मामला दर्ज किया है।
जांच के अनुसार, एक महिला ने मई 2020 में कृषक प्रमाणपत्र हासिल किया था। प्रमाणपत्र में उसने खुद को टांडा के कछियारी निवासी एक व्यक्ति की पत्नी बताते हुए कृषक दर्शाया था। हालांकि, राजस्व रिकॉर्ड की जांच में संबंधित व्यक्ति की वास्तविक पत्नी का नाम अलग पाया गया। ऐसे में प्रमाणपत्र में महिला की पहचान और वैवाहिक संबंध को लेकर दी गई जानकारी प्रथमदृष्टया गलत पाई गई।
विजिलेंस के अनुसार, इसी कृषक प्रमाणपत्र के आधार पर महिला ने महाल कोहाला खास में कृषि भूमि खरीदी। बाद में इसी खरीद को आधार बनाकर उसने दूसरा कृषक प्रमाणपत्र भी हासिल किया। इसके आधार पर मई 2023 में महाल पटारकर, पटवार वृत्त मटौर में 0-08-10 हेक्टेयर भूमि खरीदी गई।
परिवार के सदस्य के नाम वाली फर्म के खाते से हुआ भुगतान
विजिलेंस ने जमीन खरीदने के लिए इस्तेमाल की गई रकम के स्रोत की भी जांच की। रिपोर्ट के मुताबिक, महिला के नाम खरीदी गई जमीन का भुगतान उसके अपने बैंक खाते से नहीं किया गया। कथित तौर पर परिवार के एक सदस्य के नाम पर संचालित फर्म के बैंक खाते से चेक और नकद के जरिए भुगतान किया गया।
जांच में पटवार वृत्त खोली के तत्कालीन पटवारी की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। आरोप है कि गलत जानकारी सामने होने के बावजूद कृषक प्रमाणपत्र से जुड़े राजस्व दस्तावेज तैयार करने और उनके सत्यापन में मदद की गई। प्रमाणपत्र तैयार करने और जारी करने में अन्य अधिकारियों या व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
धारा 118 के उल्लंघन का आरोप
जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि गलत या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कृषक का दर्जा हासिल कर भूमि खरीदने से हिमाचल प्रदेश भू-जोत एवं काश्तकारी भूमि सुधार अधिनियम की धारा 118 का उल्लंघन हुआ है।
अब विजिलेंस मामले में राजस्व रिकॉर्ड, कृषक प्रमाणपत्रों की फाइलें, बिक्री विलेख, इंतकाल, बैंक खातों और जमीन की खरीद के लिए किए गए भुगतान के स्रोत की जांच करेगी। संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। यदि लोक सेवक के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े साक्ष्य सामने आते हैं तो भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है।
गौरतलब है कि इससे पहले कांगड़ा निवासी एक दंपती और परिवार की एक अन्य सदस्य के खिलाफ पिछले माह बेनामी भूमि सौदे से जुड़े मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी।




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