Himachal: देहदान की इच्छा लेकर IGMC पहुंचे 78 वर्षीय बुजुर्ग, दो दिन भटकने के बाद लौटे निराश; अब जांच के आदेश

Date:

--Advertisement--

शिमला: चिकित्सा शिक्षा और मानव सेवा के उद्देश्य से देहदान करने की इच्छा रखने वाले हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के सुबाथू निवासी 78 वर्षीय सुरेंद्र सिंह का अनुभव चर्चा का विषय बन गया है। उनका दावा है कि इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला में देहदान की प्रक्रिया पूरी करने के लिए उन्हें दो दिनों तक अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने पड़े, लेकिन अंत में यह कहकर मना कर दिया गया कि सुबाथू से मृत शरीर लाना संभव नहीं है।

Advertisement

मेडिकल कॉलेजों में प्रशिक्षु डॉक्टरों को मानव शरीर रचना (एनाटॉमी) की पढ़ाई और नई सर्जिकल तकनीकों के अभ्यास के लिए देह की आवश्यकता होती है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर मेडिकल कॉलेज लोगों को देहदान के लिए जागरूक भी करते हैं। ऐसे में सुरेंद्र सिंह के साथ हुई इस घटना ने देहदान अभियान और उसकी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सुरेंद्र सिंह के अनुसार, वह 3 जुलाई को आईजीएमसी शिमला पहुंचे और पर्ची बनवाते समय अपनी देहदान की इच्छा जताई। उनका कहना है कि उन्हें एक विभाग से दूसरे विभाग और पहली मंजिल से लेकर दसवीं मंजिल तक भेजा गया। पूरे दिन की भागदौड़ के बाद उन्हें अगले दिन आने के लिए कहा गया।

Advertisement

उन्होंने बताया कि 4 जुलाई को भी उन्हें पूरे दिन अलग-अलग विभागों में भेजा गया। अंत में सभी औपचारिक जानकारी लेने के बाद उन्हें यह कहकर मना कर दिया गया कि सुबाथू काफी दूर है और वहां से मृत शरीर लाने की व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। सुरेंद्र सिंह का कहना है कि सुबाथू में दो हेलिपैड हैं और वहां तक पहुंचने के कई साधन उपलब्ध हैं, इसलिए केवल दूरी का हवाला देकर उनकी इच्छा को ठुकराना उचित नहीं है।

Advertisement

सुरेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी दो बेटियां हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। वह अपनी पत्नी के साथ रहते हैं। उन्होंने अपनी पत्नी से इस विषय पर चर्चा की थी और उन्होंने भी देहदान के फैसले पर सहमति जताई थी। उनका कहना है कि वह अपने निधन के बाद बेटियों और दामाद पर अंतिम संस्कार का बोझ नहीं डालना चाहते, बल्कि चिकित्सा विज्ञान की प्रगति में योगदान देना चाहते हैं।

इस पूरे मामले पर आईजीएमसी शिमला के एनाटॉमी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अंजु प्रताप ने कहा कि यह मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी कर्मचारी या चिकित्सक ने बुजुर्ग को देहदान के लिए मना किया है तो इसकी जांच कराई जाएगी और संबंधित स्टाफ या डॉक्टर से जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आईजीएमसी में कई लोग देहदान करते हैं और सामान्यतः किसी को भी इस प्रक्रिया के लिए मना नहीं किया जाता।

Advertisement

For advertisements inquiries on HIM Live TV, Kindly contact us!

Connect with us on Facebook and WhatsApp for the latest updates!

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

spot_img

Popular

More like this
Related

Dharmendra Pradhan Himachal Connection & Love Story: क्या आप जानते हैं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का ससुराल हिमाचल में है? जानिए उनकी लव स्टोरी...

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का हिमाचल प्रदेश से भी गहरा रिश्ता है। उनकी पत्नी मृदुला ठाकुर मंडी जिले के कोठुआ गांव की रहने वाली हैं। जानिए दोनों की मुलाकात, शादी और परिवार की दिलचस्प कहानी।

Kangra: गगल एयरपोर्ट के पास जमीन खरीद घोटाले में बड़ा खुलासा, खरीदार की जगह दूसरों ने किए हस्ताक्षर; विजिलेंस जांच में नए राज सामने...

गगल एयरपोर्ट के पास धारा 118 के कथित उल्लंघन से जुड़ी जमीन खरीद मामले में विजिलेंस जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। प्रारंभिक जांच में खरीदार की जगह अन्य लोगों के हस्ताक्षर और फर्जी कृषि प्रमाणपत्र के जरिए जमीन खरीदने के संकेत मिले हैं।

Himachal Weather Alert: 27 से 29 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने इन जिलों के लिए जारी की बड़ी...

हिमाचल प्रदेश में 27 से 29 जुलाई के बीच भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। IMD ने कांगड़ा, मंडी, शिमला समेत कई जिलों में भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और जलभराव की चेतावनी देते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

Kangra: शाहपुर की बोह घाटी में राहत के लिए उतरी भारतीय सेना, 40 जवान तैनात; 36 परिवारों को 7.40 लाख की फौरी सहायता

कांगड़ा के शाहपुर स्थित बोह घाटी में आपदा राहत कार्यों के लिए भारतीय सेना के 40 जवान तैनात किए गए हैं। प्रशासन ने 36 प्रभावित परिवारों को 7.40 लाख रुपये की फौरी सहायता दी है, जबकि मुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री ने भी राहत कार्यों को लेकर अहम बयान दिए हैं।