Sirmaur: चम्बा की बेटी प्रियंका वर्मा बनीं सिरमौर की नई डीसी, जानें उनके संघर्ष और सफर की कहानी

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हिमाचल प्रदेश की होनहार और ऊर्जावान आईएएस अधिकारी प्रियंका वर्मा को जिला सिरमौर का नया उपायुक्त (डीसी) नियुक्त किया गया है। तीन राज्यों की सीमाओं से सटे इस जिले में उनकी यह पहली नियुक्ति उपायुक्त के रूप में हुई है। राज्य सरकार ने रविवार शाम को आदेश जारी करते हुए उन्हें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के निदेशक पद से स्थानांतरित किया है।

प्रियंका वर्मा आगामी बुधवार को जिला सिरमौर की 46वीं उपायुक्त के रूप में कार्यभार संभालेंगी। इससे पहले वह विभिन्न प्रशासनिक पदों पर अपनी सेवाएं दे चुकी हैं, लेकिन बतौर डीसी यह उनका पहला कार्यकाल होगा। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने पहले भी इसी जिले में एडीसी (अतिरिक्त उपायुक्त) के रूप में कार्य किया है, जिससे वह इस क्षेत्र की भौगोलिक और प्रशासनिक संरचना से भली-भांति परिचित हैं। इस बार वह आईएएस सुमित खिमटा की जगह यह जिम्मेदारी संभालेंगी। प्रियंका वर्मा मूलतः चम्बा जिले के पांगी क्षेत्र की निवासी हैं।

उनकी सफलता की कहानी उनके पिता के सपनों से शुरू होती है। भारतीय राजस्व सेवा में कार्यरत प्रियंका के पिता ने बचपन से ही चाहा था कि उनकी बेटी आईएएस अधिकारी बने। प्रियंका ने भी इस सपने को अपना लक्ष्य बनाया और 2015 में भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयनित होकर अपने पिता के सपनों को साकार किया।

प्रियंका की शिक्षा देश के विभिन्न हिस्सों में हुई। उनके पिता की विभिन्न राज्यों में पोस्टिंग होने के कारण उन्हें गुजरात, पंजाब और तमिलनाडु जैसे राज्यों में पढ़ाई करने का अवसर मिला। उन्होंने स्कूली शिक्षा गुजरात में पूरी की, बीएससी की पढ़ाई जालंधर से और एमबीए की डिग्री चेन्नई से हासिल की।

प्रशासनिक सेवाओं में आने के बाद प्रियंका वर्मा ने हिमाचल के विभिन्न जिलों में सेवाएं दीं। उन्होंने एसडीएम कंडाघाट, एसडीएम बिलासपुर, एडीसी सिरमौर, और एचपीपीसीएल (हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड) में पर्सनल एंड फाइनेंस निदेशक के रूप में कार्य किया। हाल ही में वह एनएचएम की निदेशक थीं, जहां से अब उनका तबादला सिरमौर के लिए हुआ है।

कोरोना महामारी के दौरान जब पूरा देश कठिन दौर से गुजर रहा था, प्रियंका वर्मा सिरमौर जिले में एडीसी के पद पर कार्यरत थीं। उस समय तत्कालीन डीसी डॉ. आरके परुथी के नेतृत्व में उन्होंने कोरोना योद्धा के रूप में महत्वपूर्ण सेवाएं दीं। उन्होंने अंतर्राज्यीय सीमाओं वाले इस जिले में चुनौतीपूर्ण हालातों में भी प्रशासनिक कार्यों को बखूबी संभाला।

पंजाब केसरी से फोन पर हुई बातचीत में प्रियंका वर्मा ने बताया कि उनकी प्राथमिकता रहेगी कि सरकार की योजनाओं को सही तरीके से ज़मीन पर लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि जो भी योजनाएं और विकास कार्य पहले से चल रहे हैं, उन्हें लेकर वह वर्तमान डीसी से विस्तृत चर्चा करेंगी। साथ ही यह सुनिश्चित करेंगी कि हर पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे।

उनका यह अनुभव और संकल्प जिला सिरमौर में सुशासन की नई मिसाल स्थापित कर सकता है। जिलावासियों को भी उनसे काफी उम्मीदें हैं, खासकर जब वह पहले भी यहां अपनी सेवा दे चुकी हैं और चुनौतीपूर्ण समय में प्रशासनिक नेतृत्व दिखा चुकी हैं।

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