धर्मशाला, 28 अगस्त: श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर शुक्रवार को चामुंडा स्थित त्रिगर्त संस्कृत महाविद्यालय में राज्य स्तरीय संस्कृत दिवस का आयोजन किया गया। भाषा एवं संस्कृति विभाग हिमाचल प्रदेश की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेशभर के करीब 15 संस्कृत महाविद्यालयों से लगभग 100 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में संस्कृत भाषा से जुड़ी विभिन्न प्रतियोगिताओं के साथ व्याख्यान और संस्कृत कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में कांगड़ा के उपायुक्त हेमराज बैरवा मुख्य अतिथि रहे। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, वेदव्यास परिसर, बलाहर, कांगड़ा की निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। त्रिगर्त संस्कृत महाविद्यालय, चामुंडा के प्रधानाचार्य हरीश शर्मा भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में सुबह 10:30 बजे काशी हिंदू विश्वविद्यालय, बनारस के सहायक आचार्य डॉ. रामेश्वर शर्मा ने ‘वर्तमान के संदर्भ में संस्कृत की वैज्ञानिकता एवं प्रासंगिकता’ विषय पर व्याख्यान दिया। इसके बाद संस्कृत अंतरमहाविद्यालयीय भाषण, प्रश्नोत्तरी, अनुवाद लेखन और श्लोकोच्चारण प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
श्लोक उच्चारण प्रतियोगिता में राजकीय संस्कृत महाविद्यालय, तुंगेश, शिमला की गुंजन ने प्रथम स्थान हासिल किया। सनातन धर्म आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, दोहगी, ऊना की अनुराधा दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, वेदव्यास परिसर, बलाहर, कांगड़ा की कोमल शर्मा ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। राजकीय संस्कृत महाविद्यालय, चंबा की सुहानी को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
संस्कृत भाषण प्रतियोगिता में गोरक्षक राजकीय संस्कृत महाविद्यालय, नाहन, सिरमौर के ऋषभ ने प्रथम स्थान हासिल किया। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, बलाहर, कांगड़ा के आशीष चौहान दूसरे और त्रिगर्त संस्कृत महाविद्यालय, चामुंडा, कांगड़ा के नीरज तीसरे स्थान पर रहे। राजकीय महाविद्यालय, सुंदरनगर, मंडी की योगिता और राजकीय संस्कृत महाविद्यालय, चंबा की नेहा को सांत्वना पुरस्कार मिला।
संस्कृत प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में संस्कृत महाविद्यालय, तुंगेश, शिमला की सचिन, राजकीय संस्कृत महाविद्यालय, सुंदरनगर, मंडी की अपेक्षा और संस्कृत महाविद्यालय, दोहगी, ऊना की सुहानी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। राजकीय महाविद्यालय, चंबा की नेहा और राजकीय महाविद्यालय, दोहगी, ऊना की तमन्ना ने द्वितीय स्थान हासिल किया। राजकीय महाविद्यालय, सुंदरनगर, मंडी की सानिया और संस्कृत महाविद्यालय, चकमोह, हमीरपुर की खुशी तीसरे स्थान पर रहीं।
अनुवाद लेखन प्रतियोगिता में राजकीय संस्कृत महाविद्यालय, तुंगेश, शिमला की स्नेहा वर्मा ने प्रथम स्थान हासिल किया। आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, जांगला, रोहड़ू, शिमला की काजल गालटा दूसरे और केंद्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला, कांगड़ा की मनीषा गोस्वामी तीसरे स्थान पर रहीं। संस्कृत महाविद्यालय, चामुंडा, कांगड़ा के देवांश को सांत्वना पुरस्कार मिला।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में संस्कृत कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रदेश के करीब 30 संस्कृत कवियों ने भाग लिया। इस दौरान संस्कृत भाषा और साहित्य की समृद्ध परंपरा को सामने रखा गया।
राज्य स्तरीय संस्कृत दिवस के अवसर पर राज्य अभिलेखागार की ओर से ऐतिहासिक एवं दुर्लभ अभिलेखों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसके अलावा हिमाचल कला, संस्कृति एवं भाषा अकादमी की ओर से पुस्तक प्रदर्शनी आयोजित की गई। प्रदर्शनी में पाठकों और साहित्यप्रेमियों के लिए हिमाचल के इतिहास, कला, संस्कृति और विरासत से जुड़ी पुस्तकें बिक्री के लिए उपलब्ध रहीं।
संस्कृत को देववाणी और संस्कारों की भाषा माना जाता है। कार्यक्रम के माध्यम से संस्कृत भाषा की वैज्ञानिकता, प्रासंगिकता और समृद्ध ज्ञान परंपरा को सामने लाने के साथ विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर भी मिला।




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