हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। भूस्खलन और खराब मौसम के चलते राज्यभर में 152 सड़कें बंद हैं, जबकि 72 बिजली ट्रांसफार्मर और 68 पेयजल योजनाएं भी ठप हो गई हैं। इससे कई इलाकों में लोगों को आवाजाही, बिजली और पानी की गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर की ओर से बुधवार शाम जारी रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार सुबह प्रदेश में 182 सड़कें बंद थीं। दिनभर बहाली कार्य जारी रहने के बाद 30 सड़कें खोल दी गईं, लेकिन शाम तक भी 152 सड़कें यातायात के लिए बंद रहीं। सबसे अधिक असर मंडी जिले में देखने को मिला, जहां कुल 57 सड़कें बंद हैं। इनमें सराज उपमंडल की 33, थलौट की 11, पद्धर की 8, सुंदरनगर की 2 तथा करसोग, धर्मपुर और जोगिंद्रनगर उपमंडलों की एक-एक सड़क शामिल है।

रिपोर्ट के मुताबिक चंबा जिले में 33 सड़कें, कुल्लू में 31 और शिमला व सिरमौर में 14-14 सड़कें अभी भी बंद हैं। बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। चंबा जिले के डलहौजी उपमंडल में 38 ट्रांसफार्मर बंद हैं, जबकि चंबा में 11, तीसा में 8 तथा सलूणी और भटियात उपमंडलों में एक-एक ट्रांसफार्मर ठप पड़ा है।

बारिश का असर पेयजल योजनाओं पर भी पड़ा है। प्रदेश में कुल 68 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। इनमें हमीरपुर जिले की 23, बिलासपुर की 18, चंबा की 15, सिरमौर की 9, शिमला की 2 और मंडी जिले की एक पेयजल योजना शामिल है।
स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर की रिपोर्ट के अनुसार, मानसून सीजन में 30 जून से 29 जुलाई के बीच राज्य में कुल 15 लोगों की मौत दर्ज की गई है। इनमें लाहौल-स्पीति जिले में भूस्खलन से 13 लोगों की जान गई, जबकि चंबा में एक और किन्नौर जिले में फ्लैश फ्लड के कारण एक व्यक्ति की मौत हुई है।

प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में सड़क बहाली, बिजली आपूर्ति और पेयजल सेवाओं को जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए लगातार काम कर रहा है। वहीं लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
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