हिमाचल प्रदेश अपनी बिजली और पानी से अधिकतम राजस्व जुटाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि राज्य सरकार बिजली की बिक्री के लिए खुद दरें तय करने की दिशा में काम कर रही है। केरलम सरकार के साथ बिजली खरीद को लेकर बातचीत चल रही है और करीब 14.50 रुपये प्रति यूनिट की दर तय किए जाने की संभावना है। वहीं, तमिलनाडु को फिलहाल 13.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली दी जा रही है और मार्च के बाद इस दर में संशोधन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बिजली क्षेत्र से होने वाली आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रही है। उनके अनुसार, हिमाचल प्रदेश का लक्ष्य वर्ष 2032 तक देश के सबसे अधिक समृद्ध राज्यों में शामिल होना है। उस समय सभी तरह के खर्चों को पूरा करने के बाद प्रदेश सरकार की वार्षिक आय 7,000 करोड़ रुपये से अधिक करने का लक्ष्य रखा गया है।
पंचकूला तक पानी पहुंचाने पर विचार
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के पंचकूला के शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए हिमाचल सरकार संभावनाओं पर विचार कर रही है। इसके तहत सुरंग के माध्यम से पंचकूला तक पानी पहुंचाने की योजना पर मंथन किया जा रहा है। सरकार पहले इसकी लागत और व्यावहारिक पहलुओं का आकलन करेगी।
सुक्खू ने कहा कि सतलुज नदी के पानी को लेकर ऐसा कोई प्रतिबंध नहीं है कि हिमाचल अपने हितों के लिए पानी का इस्तेमाल नहीं कर सकता। इसी आधार पर राज्य सरकार पानी बेचकर अतिरिक्त राजस्व जुटाने की संभावनाओं पर भी विचार कर रही है।
मंडी में भाजपा को 5 सीटों तक सीमित करने का दावा
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दावा किया कि अगले विधानसभा चुनाव में भाजपा मंडी में मुश्किल से 5 सीटें ही जीत पाएगी। उन्होंने भाजपा में गुटबाजी का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले पार्टी में 5 गुट माने जाते थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 6 हो गई है। सुक्खू ने सोलन और सिरमौर जिलों में कांग्रेस के कई सीटों पर जीत दर्ज करने का दावा भी किया। उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आने के साथ कांग्रेस की स्थिति में और सुधार होगा।



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