भारतीय जनता पार्टी ने हिमाचल प्रदेश में अपने संगठनात्मक ढांचे में बदलाव करते हुए प्रदेश सह प्रभारी की जिम्मेदारी बदल दी है। पार्टी ने संजय टंडन की जगह उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह को हिमाचल भाजपा का नया सह प्रभारी नियुक्त किया है। वहीं पच्छाद से भाजपा विधायक रीना कश्यप को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की टीम में शामिल करते हुए जम्मू-कश्मीर का सह प्रभारी बनाया गया है। भाजपा की ओर से बुधवार को जारी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रभारियों व सह प्रभारियों की सूची में ये नियुक्तियां सामने आई हैं। सूची के अनुसार श्रीकांत शर्मा को हिमाचल प्रदेश का प्रभारी बनाए रखा गया है, जबकि जम्मू-कश्मीर में सतीश पूनिया को प्रभारी और रीना कश्यप को सह प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।
हिमाचल प्रदेश से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की टीम में रीना कश्यप की नियुक्ति को संगठन में एक अहम जिम्मेदारी के तौर पर देखा जा रहा है। नई नियुक्तियों के बाद प्रदेश भाजपा के संगठनात्मक ढांचे को लेकर चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। हालांकि पार्टी ने हिमाचल के प्रभारी को नहीं बदला है और श्रीकांत शर्मा को ही यह जिम्मेदारी दोबारा सौंपी है। वह 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले हिमाचल के चुनाव प्रभारी बनाए गए थे और बाद में उन्हें प्रदेश संगठन की जिम्मेदारी भी दी गई थी।
दर्शना सिंह का संगठन में लंबा अनुभव
हिमाचल भाजपा की नई सह प्रभारी दर्शना सिंह उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं। वह लंबे समय से भाजपा संगठन से जुड़ी रही हैं और महिला मोर्चा में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं। दर्शना सिंह जुलाई 2022 से उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य हैं। वह उत्तर प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभा चुकी हैं।
रीना कश्यप को जम्मू-कश्मीर की जिम्मेदारी
पच्छाद से भाजपा विधायक रीना कश्यप को जम्मू-कश्मीर में संगठन की जिम्मेदारी दी गई है। वह सिरमौर जिले के पच्छाद विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और 2019 के उपचुनाव में पहली बार विधानसभा पहुंची थीं। इसके बाद 2022 में उन्होंने पच्छाद सीट बरकरार रखी और लगातार दूसरी बार विधायक बनीं। अब जम्मू-कश्मीर में वह प्रभारी सतीश पूनिया के साथ संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभालेंगी।
महिला और दलित वर्ग पर फोकस की चर्चा
रीना कश्यप की नियुक्ति और दर्शना सिंह को हिमाचल का सह प्रभारी बनाए जाने के बाद पार्टी के संगठन में महिला प्रतिनिधित्व को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि यह कहना कि नियुक्ति का उद्देश्य किसी खास सामाजिक वर्ग को राजनीतिक रूप से साधना है, पार्टी की ओर से आधिकारिक रूप से बताए गए कारण के बजाय राजनीतिक विश्लेषण है। हिमाचल में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं और भाजपा ने उससे पहले देशभर में संगठनात्मक बदलाव किए हैं।



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