हिमाचल में अति निर्धन परिवारों के लिए बड़ा अपडेट, 75 हजार से ज्यादा आय वालों को नहीं मिलेगा लाभ; अनिरुद्ध सिंह ने बताईं पात्रता की शर्तें

Date:

--Advertisement--

हिमाचल प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना के तहत अति निर्धन परिवारों की पहचान और चयन की प्रक्रिया स्पष्ट कर दी है। योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने के लिए लाभार्थियों का चयन दो चरणों में किया जाएगा। पहले समावेशन मानदंडों के आधार पर पात्र परिवारों का एक बड़ा पूल तैयार होगा। इसके बाद बहिष्करण की चार शर्तों के आधार पर अंतिम छंटनी की जाएगी। यानी पहले पात्रता और फिर अपात्रता की जांच के बाद ही परिवार को योजना का अंतिम लाभार्थी माना जाएगा। विधानसभा में ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने सभी विधायकों को चयन के निर्धारित मानदंडों की जानकारी दी।

75 हजार रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले परिवार योजना से बाहर

सरकार के तय मानदंडों के अनुसार जिन परिवारों की वार्षिक आय 75 हजार रुपये से अधिक है, वे योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे। इसके अलावा एक हेक्टेयर से अधिक भूमि होने, परिवार में आयकरदाता सदस्य होने या किसी सदस्य के सरकारी, अर्धसरकारी अथवा निजी नौकरी में होने पर परिवार को अंतिम सूची से बाहर कर दिया जाएगा। वहीं समावेशन प्रक्रिया में सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्राथमिकता दी गई है। 27 वर्ष से कम आयु के अनाथ बच्चों वाले परिवार तथा ऐसे परिवार जिनमें केवल 59 वर्ष से अधिक आयु के सदस्य हैं और 27 से 59 वर्ष की आयु का कोई वयस्क सदस्य नहीं है, प्रारंभिक पात्रता वाले परिवारों के पूल में शामिल किए जाएंगे।

महिला मुखिया और दिव्यांग मुखिया वाले परिवार भी दायरे में

योजना के तहत ऐसे परिवार भी प्रारंभिक पात्रता के दायरे में आएंगे, जिनकी मुखिया महिला है और परिवार में 27 से 59 वर्ष की आयु का कोई वयस्क सदस्य नहीं है। इनमें विधवा, अविवाहित, तलाकशुदा और परित्यक्त महिलाएं शामिल हैं। 40 प्रतिशत या इससे अधिक दिव्यांगता वाले मुखिया के परिवारों को भी पात्र परिवारों के पूल में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा जिन परिवारों के सभी वयस्क सदस्यों ने पिछले वित्तीय वर्ष में मनरेगा में कम से कम एक दिन काम किया है, उन्हें भी प्रारंभिक पात्रता दी जाएगी।

गंभीर बीमारी से प्रभावित कमाने वाले सदस्य वाले परिवारों को भी पात्रता

कैंसर, अल्जाइमर, पार्किंसंस, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, हीमोफीलिया और थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारियों के कारण स्थायी रूप से अक्षम कमाने वाले सदस्य वाले परिवार भी योजना के दायरे में आएंगे। दुर्घटना में रीढ़ की हड्डी में चोट लगने के कारण स्थायी रूप से बिस्तर पर पड़े कमाने वाले सदस्य वाले परिवारों को भी प्रारंभिक पात्रता सूची में शामिल किया जाएगा।

चार कसौटियों पर होगी अंतिम जांच

प्रारंभिक पात्रता के बाद परिवारों की अंतिम जांच की जाएगी। यदि जांच में परिवार बहिष्करण की किसी शर्त में आता है तो उसे योजना की अंतिम सूची से बाहर कर दिया जाएगा। सरकार ने इसे उदाहरण से भी स्पष्ट किया है। यदि किसी परिवार के सभी वयस्क सदस्यों ने पिछले वित्तीय वर्ष में मनरेगा में कम से कम एक दिन काम किया है, तो वह पहले पात्र परिवारों के पूल में शामिल होगा। लेकिन यदि जांच में उसकी वार्षिक आय 75 हजार रुपये से अधिक पाई जाती है, तो वह अंतिम सूची से बाहर हो जाएगा। वहीं यदि परिवार की वार्षिक आय 75 हजार रुपये या उससे कम है, जमीन एक हेक्टेयर या उससे कम है और परिवार में कोई आयकरदाता या नौकरी करने वाला सदस्य नहीं है, तो उसे अंतिम रूप से योजना का पात्र माना जाएगा।

लापरवाही पर बीडीओ और एसडीएम पर होगी कार्रवाई: अनिरुद्ध सिंह

पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि प्रदेश के अति निर्धन परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए पात्र परिवारों के चयन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बुधवार को शून्यकाल के दौरान भाजपा विधायक जीतराम कटवाल की ओर से उठाए गए मामले पर मंत्री ने बताया कि पात्र परिवारों के चयन के लिए समितियां गठित की गई हैं। इन्हीं समितियों के माध्यम से पात्रता की जांच और सूची तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। सरकार ने अधिकारियों को चयन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए हैं।

अनिरुद्ध सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि किसी अपात्र व्यक्ति को सूची में शामिल किया गया या किसी पात्र परिवार को जानबूझकर सूची से बाहर रखा गया तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लापरवाही सामने आने पर खंड विकास अधिकारी यानी बीडीओ और उपमंडलाधिकारी यानी एसडीएम भी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।

जीतराम कटवाल ने उठाई वास्तविक जरूरतमंदों को सूची में शामिल करने की मांग

भाजपा विधायक जीतराम कटवाल ने सरकार से वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को योजना की सूची में शामिल करने और सर्वे प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले अति निर्धन परिवारों को ही अपना परिवार, सुखी परिवार योजना का लाभ दिया जाएगा। योजना के लिए परिवार की वार्षिक आय 75 हजार रुपये से कम होना जरूरी है और परिवार के कम से कम एक सदस्य का मनरेगा में न्यूनतम एक दिन काम करना भी पात्रता की शर्तों में शामिल है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकारी नौकरी वाले परिवार योजना के पात्र नहीं होंगे।

सरकार ने सभी जिलाधीशों को निर्देश जारी किए हैं कि पात्र परिवारों की सूची की समीक्षा कर 30 अगस्त तक पूरी सूची सरकार को उपलब्ध करवाई जाए। विधायक जीतराम कटवाल ने आरोप लगाया कि कई पात्र परिवार आय प्रमाणपत्र सहित अन्य औपचारिकताओं के कारण योजना के लाभ से वंचित रह रहे हैं, जबकि प्रभावशाली लोग अपना नाम सूची में शामिल करवाने में सफल हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके क्षेत्र में पिछले सर्वे के दौरान करीब 150 परिवार पात्र पाए गए थे, जबकि नए सर्वे में यह संख्या घटकर केवल 30 से 40 रह गई है। उन्होंने सरकार से इस अंतर की जांच करवाने और सर्वे से छूटे पात्र परिवारों को सूची में शामिल करने की मांग की।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

For advertisements inquiries on HIM Live TV, Kindly contact us!

Connect with us on Facebook and WhatsApp for the latest updates!

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

spot_img

Popular

More like this
Related

Chambi Hockey Tournament: जयंती माता क्लब कांगड़ा बना चैंपियन, फाइनल में डढमब 11 को 3-1 से हराया

चंबी खेल मैदान में आयोजित चौथी सिकंदर सैनी मेमोरियल हॉकी टूर्नामेंट में जयंती माता क्लब कांगड़ा ने डढमब 11 को फाइनल में 3-1 से हराकर खिताब जीता। पुरस्कार वितरण समारोह में उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने विजेता और उपविजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया तथा युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की।

HPNLU Shimla Convocation: पूर्व CJI संजीव खन्ना समेत 3 दिग्गजों को मिली डॉक्टर ऑफ लॉ की मानद उपाधि, CM सुक्खू ने कही बड़ी बात

हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, शिमला के तीसरे दीक्षांत समारोह में पूर्व CJI संजीव खन्ना समेत तीन न्यायिक हस्तियों को डॉक्टर ऑफ लॉ की मानद उपाधि दी गई। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कमजोर वर्ग तक न्याय पहुंचाने और न्यायिक व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया, जबकि न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश ने युवा वकीलों को AI जैसी नई तकनीकें अपनाने की सलाह दी।

Jwalamukhi Navratri 2026: विधायक संजय रत्न ने झंडा चढ़ाकर किया मेलों का शुभारंभ, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन को दिए सख्त निर्देश

श्री ज्वालामुखी मंदिर में आश्विन शरदकालीन नवरात्रों का शुभारंभ विधायक संजय रत्न ने पारंपरिक झंडा चढ़ाकर किया। उन्होंने पूजा-अर्चना और कन्या पूजन के बाद श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन को निर्देश दिए कि मंदिर परिसर के किसी भी मंदिर का रास्ता बंद न किया जाए।

Churdhar Rescue Operation: घने जंगल में रास्ता भटके 2 लोग, रात 3 और सुबह 5 बजे पुलिस ने ऐसे बचाई जान

चूड़धार के घने जंगलों में रास्ता भटके कुल्लू और सिरमौर जिले के दो लोगों को चौपाल पुलिस ने रातभर तलाश अभियान चलाकर सुरक्षित बचा लिया। पुलिस ने रात 3 बजे अजय कुमार और सुबह 5 बजे नक्श ठाकुर को खोजा। दोनों स्वस्थ पाए गए और उन्हें उनके साथियों के सुपुर्द कर दिया गया।