Himachal Smart Meter से बिजली बिलों का झटका! चलोला में 800-900 की जगह हजारों के बिल, बंद घर में आया 7,025 रुपये का बिल

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हिमाचल प्रदेश में सुविधा और पारदर्शिता के दावों के साथ लगाए गए स्मार्ट बिजली मीटर अब उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बनते नजर आ रहे हैं। ऊना जिले के विकास खंड के तहत आने वाले चलोला गांव में स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली के बिलों में अचानक कई गुना बढ़ोतरी होने की शिकायत सामने आई है। जिन घरों में आमतौर पर 800 से 900 रुपये तक का बिजली बिल आता था, वहां अब हजारों रुपये के बिल पहुंच रहे हैं। इससे ग्रामीणों में भारी रोष है और वे समस्या के समाधान के लिए विद्युत बोर्ड के कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं।

घर बंद था, फिर भी आया 7,025 रुपये का बिल

चलोला निवासी सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर मोहिंदर पाल सिंह का मामला इस तकनीकी गड़बड़ी का बड़ा उदाहरण सामने आया है। उन्होंने विद्युत बोर्ड के सहायक अभियंता को दी शिकायत में बताया कि उनके घर में केवल पति-पत्नी रहते हैं। इस महीने उन्हें 7,025 रुपये का बिजली बिल मिला है, जबकि इससे पहले उनका अधिकतम बिल 1,200 से 1,500 रुपये के बीच ही आता था।

सबसे हैरानी की बात यह है कि बिलिंग अवधि के दौरान मोहिंदर पाल सिंह अपनी पत्नी के साथ सोमनाथ और द्वारिका जी की यात्रा पर गए हुए थे। इस दौरान घर बंद था और बिजली की खपत न के बराबर थी। इसके बावजूद 7,025 रुपये का बिल आने से वह हैरान हैं।

पूरे गांव में मनमाने बिल आने की शिकायत

ग्रामीणों के अनुसार समस्या केवल एक घर तक सीमित नहीं है। गांव के कैप्टन गुरदयाल चंद, विधि चंद धीमान, पुन्नू राम, होशियार सिंह और ओमपाल सिंह सहित कई उपभोक्ताओं को 2 हजार रुपये से लेकर 12 हजार रुपये तक के बिजली बिल भेजे गए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि पुराने मीटर लगे होने के दौरान बिजली के बिल सामान्य और सही आते थे, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद अचानक बिलों में बढ़ोतरी हो गई है। सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर मोहिंदर पाल सिंह और अन्य ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि विद्युत बोर्ड ने स्मार्ट मीटरों की तकनीकी जांच करवाकर वास्तविक बिजली खपत के आधार पर बिल दुरुस्त नहीं किए, तो वे बसाल स्थित एसडीओ कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।

क्या कहते हैं विद्युत बोर्ड के अधिकारी?

विद्युत उपमंडल बसाल के सहायक अभियंता उदित शर्मा ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायतें विभाग को मिली हैं। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर बोर्ड के शिमला स्थित मुख्यालय से बातचीत की गई है। तकनीकी खामी को दूर करने का काम किया जा रहा है और उपभोक्ताओं के बिजली बिल ठीक किए जा रहे हैं।

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