Kangra: ब्रजेश्वरी धाम में अश्विन नवरात्र से पहले उपायुक्त हेमराज बैरवा ने सुविधाओं का लिया जायजा

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धर्मशाला, 22 सितंबर 2025: कांगड़ा जिले के प्रमुख शक्तिपीठ ब्रजेश्वरी धाम में आश्विन नवरात्र के आगमन से पहले उपायुक्त हेमराज बैरवा ने मंदिर का दौरा कर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पूजा-अर्चना के साथ जिले के नागरिकों के सुख-समृद्ध भविष्य की कामना की। ब्रजेश्वरी धाम, कांगड़ा जिले का एक प्रमुख धार्मिक स्थल होने के नाते नवरात्रों के दौरान हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। इस वर्ष भी मंदिर परिसर में विशेष तैयारियों का कार्य जारी है ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि नवरात्र मेलों के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। इसके लिए मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, स्वास्थ्य सुविधाओं का बेहतर प्रबंध, और सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शक्तिपीठों में साफ-सफाई और लंगर व्यवस्था व्यवस्थित ढंग से की जाए। इसके अलावा मंदिर परिसर में साइन बोर्ड्स और दिशानिर्देशों की व्यवस्था भी की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को हर जानकारी समय पर उपलब्ध हो।



उपायुक्त ने यह भी बताया कि श्रद्धालुओं की आवाजाही को सहज बनाने के लिए कांगड़ा बाईपास से तहसील चैक तक विशेष मुद्रिका बस सेवा भी चलाई जाएगी। इससे विशेषकर बुजुर्ग और बच्चों सहित सभी श्रद्धालु सुरक्षित रूप से मंदिर तक पहुँच सकेंगे। उन्होंने कहा कि मंदिरों के सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं के ठहराव के लिए सरायों का निर्माण किया जा रहा है ताकि किसी को भी रुकावट न हो।

इस अवसर पर एसडीएम कांगड़ा इशांत जसवाल ने नवरात्रों में श्रद्धालुओं की सुविधा और मेलों के संचालन के लिए उठाए गए कदमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंदिर प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन मिलकर हर वर्ष की तरह इस बार भी विशेष तैयारी कर रहे हैं। इसके तहत मंदिर परिसर की साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, प्राथमिक चिकित्सा सुविधा और भीड़ प्रबंधन के लिए एक ठोस योजना बनाई गई है।

उपायुक्त ने कहा कि नवरात्र पर्व केवल धार्मिक महोत्सव नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मंदिरों में उचित व्यवस्था सुनिश्चित करें ताकि श्रद्धालुओं का अनुभव सुखद और सुरक्षित हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासनिक निगरानी और मंदिर प्रबंधन का सहयोग श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।



इस दौरान उपस्थित अधिकारियों में सहायक प्रोफेसर डॉ. ज्योति, मंदिर अधिकारी अशोक पठानिया, कनिष्ठ अभियंता विजय कुमार, ट्रस्ट सदस्य अशोक हिमाचली, उमाकांत, कैप्टन मदन लाल और इशांत चैधरी शामिल थे। सभी अधिकारियों ने मिलकर नवरात्र मेलों के लिए सुरक्षा और सुविधा संबंधी योजनाओं का जायजा लिया और आवश्यक सुधारात्मक कदम सुझाए।

उपायुक्त ने यह भी कहा कि ब्रजेश्वरी धाम के अलावा जिला के अन्य प्रमुख शक्तिपीठों में भी श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसके लिए सभी मंदिरों में सीसीटीवी कैमरा, सुरक्षा बलों की तैनाती, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए एक टीम तैनात रहे।

ब्रजेश्वरी धाम में नवरात्र मेला न केवल धार्मिक उत्सव का प्रतीक है, बल्कि यह स्थानीय पर्यटन और अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए परिवहन, ठहराव और भोजन की उचित व्यवस्था की जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी श्रद्धालु को सुरक्षा या सुविधा की दृष्टि से कोई कठिनाई न हो।

उपायुक्त ने सभी उपस्थित अधिकारियों और मंदिर प्रबंधन को निर्देश दिए कि वे नवरात्रों के दौरान सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता और कार्यकुशलता की निगरानी करें। इसके तहत अस्पताल, फायर ब्रिगेड, पुलिस और स्थानीय प्रशासन के बीच एक समन्वय स्थापित किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित हो सके।



उन्होंने यह भी कहा कि श्रद्धालुओं के ठहराव के लिए सराय और शरण स्थलों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे यात्रा और पूजा के अनुभव को और अधिक सुखद बनाया जा सके। यह कदम न केवल श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए है, बल्कि स्थानीय समुदाय को रोजगार और पर्यटन से जुड़े अवसर भी प्रदान करेगा।

उपायुक्त ने आश्वस्त किया कि नवरात्रों के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा या हादसे की संभावना न्यूनतम रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि नवरात्र पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक सौहार्द का संदेश देता है, और प्रशासन का कर्तव्य है कि इस संदेश को सुरक्षित और सुगम बनाए रखना।

निष्कर्ष:
कांगड़ा जिले के प्रमुख शक्तिपीठ ब्रजेश्वरी धाम में अश्विन नवरात्र के अवसर पर उपायुक्त हेमराज बैरवा द्वारा किए गए निरीक्षण और निर्देश यह सुनिश्चित करते हैं कि नवरात्र उत्सव सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक होगा। मंदिर प्रबंधन और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से श्रद्धालुओं को उच्च स्तर की सुविधा, सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस प्रकार ब्रजेश्वरी धाम न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि कांगड़ा जिले में धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक समृद्धि को भी बढ़ावा देगा।

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