Himachal: मुख्यमंत्री के दावों पर भाजपा का पलटवार: कहा, “अढ़ाई सालों में जनता को सिर्फ भ्रम और निराशा मिली”

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मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा कांग्रेस सरकार के अढ़ाई साल पूरे होने पर दिए गए बयान को लेकर हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर से सियासी गर्मी देखने को मिल रही है। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता और विधायक राकेश जम्वाल ने वीरवार को तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का यह वक्तव्य न केवल तथ्यों से परे है, बल्कि यह आमजन की पीड़ा और निराशा का उपहास भी है। उन्होंने कहा कि बीते अढ़ाई वर्षों में कांग्रेस सरकार ने प्रदेश की जनता को केवल भ्रम, बदइंतजामी और झूठे वायदों का ही स्वाद चखाया है।

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राकेश जम्वाल ने सरकार के ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह बदलाव वास्तव में प्रशासनिक ठहराव, विकास कार्यों में रुकावट और जनता से संवादहीनता का पर्याय बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस अवधि में जनता को न तो कोई राहत मिली और न ही सरकार पर भरोसा बना।

उन्होंने मौजूदा सरकार के कार्यकाल को ‘आर्थिक कुप्रबंधन की पराकाष्ठा’ करार दिया और कहा कि प्रदेश पर लगातार कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है, लेकिन सरकार के पास कोई दीर्घकालिक वित्तीय नीति नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार समय पर कर्मचारियों को वेतन देने में भी सक्षम नहीं है।

राकेश जम्वाल ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को चुनावी मुद्दा बनाकर सत्ता हासिल की थी, लेकिन आज तक इसके क्रियान्वयन को लेकर कोई स्पष्ट वित्तीय खाका नहीं तैयार किया गया है। इससे कर्मचारियों के बीच भ्रम और असंतोष की स्थिति बनी हुई है।

बेरोजगारी के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने युवाओं से केवल वादे किए, लेकिन जमीन पर कोई ठोस प्रयास नहीं हुआ। न उन्हें नौकरी मिल रही है और न ही कोई सहायता। इसके अलावा, उन्होंने अधिकारियों के तबादलों और पोस्टिंग में कथित लेन-देन की चर्चाओं को भी उठाया और सरकार के पारदर्शिता के दावों को पूरी तरह से झूठा बताया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार केंद्र सरकार से टकराव की राजनीति कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश के लिए शुरू की गई योजनाओं और दिए गए पैकेजों को लागू करने में लापरवाही बरती जा रही है, जिससे सीधे तौर पर प्रदेश को नुकसान हुआ है।

मुख्यमंत्री द्वारा हर मुश्किल को अवसर में बदलने की बात पर प्रतिक्रिया देते हुए राकेश जम्वाल ने कहा कि जनता जानती है कि इन अढ़ाई वर्षों में अवसर नहीं, बल्कि केवल समस्याएं और संघर्ष देखने को मिला है। उन्होंने विश्वास जताया कि अब प्रदेश की जनता भ्रमित नहीं है और आगामी चुनावों में इस सरकार को पूरी तरह से नकार देगी।

उन्होंने इन अढ़ाई वर्षों को हिमाचल प्रदेश के लिए ‘गंभीर निराशा और दिशाहीनता’ का दौर करार दिया और कहा कि अब बदलाव का समय आ चुका है।

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