धर्मशाला में भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की ओर से जिला स्तरीय अधिकारियों के लिए जागरूकता एवं संवेदनशीलता कार्यक्रम आयोजित किया गया। उपायुक्त कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा निर्धारित गुणवत्ता मानकों, उपभोक्ता संरक्षण और प्रमाणित उत्पादों की जानकारी हर उपभोक्ता तक पहुंचना बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी उत्पाद की खरीदारी करते समय हमेशा आईएसआई प्रमाणित उत्पादों को प्राथमिकता दें, क्योंकि इससे गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार ने कहा कि विभिन्न उत्पादों पर लगा आईएसआई मानक चिन्ह इस बात की पुष्टि करता है कि उनका निर्माण भारतीय मानकों के अनुरूप हुआ है और वे गुणवत्ता तथा सुरक्षा संबंधी निर्धारित मानकों पर खरे उतरते हैं। उन्होंने कहा कि जागरूक उपभोक्ता ही सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उत्पादों का चयन कर सकता है।

कार्यक्रम में बीआईएस परवाणु शाखा के संयुक्त निदेशक सुभम तिवारी ने अधिकारियों को आईएसआई मार्क, बीआईएस स्टैंडर्ड मार्क और हॉलमार्क की पहचान तथा उनके महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सोने के आभूषण खरीदते समय उपभोक्ताओं को हमेशा हॉलमार्क अवश्य जांचना चाहिए। प्रत्येक हॉलमार्कयुक्त आभूषण पर बीआईएस का चिन्ह, शुद्धता और छह अंकों का एचयूआईडी (HUID) नंबर अंकित होना अनिवार्य है। उपभोक्ता बीआईएस केयर मोबाइल ऐप के माध्यम से एचयूआईडी नंबर की सत्यता भी जांच सकते हैं।
उन्होंने बताया कि आईएसआई और बीआईएस प्रमाणित उत्पादों की जानकारी प्राप्त करने, लाइसेंस का सत्यापन करने तथा गुणवत्ता संबंधी शिकायत दर्ज कराने के लिए बीआईएस की आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा किसी भी उपभोक्ता शिकायत के लिए राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 14404 या टोल फ्री नंबर 1800-11-4000 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

सुभम तिवारी ने बताया कि बीआईएस की डिजिटल सेवाओं के माध्यम से कोई भी हितधारक नए मानकों का प्रस्ताव दे सकता है, तकनीकी समितियों का सदस्य बन सकता है और भारतीय मानकों से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकता है। वहीं, बीआईएस केयर ऐप के जरिए उपभोक्ता उत्पादों की प्रमाणिकता, लाइसेंसधारकों और हॉलमार्क की जांच भी कर सकते हैं। बीआईएस पोर्टल पर कार्यालयों, प्रयोगशालाओं, लाइसेंसधारकों और हॉलमार्किंग केंद्रों की जानकारी भी उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि भारतीय मानक ब्यूरो ने उपभोक्ताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई दैनिक उपयोग और औद्योगिक उत्पादों के लिए आईएसआई प्रमाणन अनिवार्य किया है। इनमें विद्युत मोटर, डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर, एलपीजी गैस सिलेंडर, रेगुलेटर, एलपीजी रबर होज, एयर कंडीशनर, केबल, स्विच, प्लग, सॉकेट, हेलमेट, खिलौने, फूड मिक्सर, हैंड ब्लेंडर, मोबाइल फोन, लैपटॉप, प्रिंटर, टेलीविजन, माइक्रोवेव ओवन, ऑटोमोबाइल टायर और चिकित्सा उपकरण समेत कई उत्पाद शामिल हैं।

कार्यक्रम में बीआईएस के अतिरिक्त निदेशक अमित तिवारी, उप निदेशक कृषि डॉ. अशोक कुमार, जिला लोक संपर्क अधिकारी विनय शर्मा, उप निदेशक प्राथमिक शिक्षा संजय ठाकुर, जिला भाषा अधिकारी अमित गुलेरी, उप मुख्य अभियंता बिजली बोर्ड कुलवीर कुमार, जिला कल्याण अधिकारी साहिल मांडला, जिला पंचायत अधिकारी सचिन ठाकुर, जिला नियंत्रक खाद्य आपूर्ति पुरुषोत्तम सिंह, परियोजना अधिकारी हिमऊर्जा अरुण भारद्वाज, जिला आयुष अधिकारी डॉ. बृज नंदन शर्मा, उप निदेशक पशुपालन विभाग डॉ. सीमा गुलेरिया, डीएसपी जेल संजीव कुमार, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. सूद, आबकारी विभाग से रविन्द्र सिंह, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण (मैकेनिकल) रोहित राज किरण, अधीक्षण अभियंता बिजली बोर्ड अमन कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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