Shimla: शिमला में अर्की के 22 वर्षीय युवक की संदिग्ध मौत, परिजनों में मचा कोहराम

Date:

--Advertisement--

झंडूता विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत गांव कलोल निवासी 62 वर्षीय सुखदेव पुत्र भागु राम ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से इच्छा मृत्यु की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनका जीवन अब नर्क बन चुका है और शरीर ने पूरी तरह जवाब दे दिया है। सुखदेव का कहना है कि आज तक उन्हें कोई भी सरकारी योजना लाभ नहीं दे सकी है। उन्होंने कई बार लोगों और जनप्रतिनिधियों से सहायता की गुहार लगाई, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। अब उनके पास न तो किसी से कोई उम्मीद है और न ही जीने की इच्छा बची है।

सुखदेव ने बताया कि करीब 32 साल पहले उनकी पत्नी की मृत्यु हो गई थी और उनकी दो बेटियां व एक बेटा है। वह पहले शादियों में बाजा बजाकर परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे, लेकिन चार साल पहले जुखाला में एक जीप हादसे ने उनका जीवन पूरी तरह बदल दिया। उस दुर्घटना में उनकी दोनों टांगें खराब हो गईं। डॉक्टर ने इलाज किया, लेकिन अब वह न ठीक से बैठ सकते हैं और न ही आसानी से लेट सकते हैं।

उन्होंने बताया कि उनका बेटा मजदूरी कर अपने परिवार का पालन कर रहा है और ऐसे में उसके ऊपर पूरी तरह आश्रित होना उनके लिए मुश्किल हो गया है। सुखदेव ने बताया कि अब वह खाना खाने में भी असमर्थ हैं क्योंकि उनका शरीर काम नहीं करता। उन्होंने बताया कि घुमारवीं स्थित नेहा समाज सेवा संस्था के प्रबंधक पवन बरूर पहले उन्हें 1000 रुपए मासिक सहायता देते थे, लेकिन अब वह भी कुछ समय से बंद है। उन्होंने यह भी बताया कि एक बार गांव में मेडिकल कैंप लगा था जिसमें दिव्यांग पास बनाए जाने थे, लेकिन उनकी बात डॉक्टर ने नहीं सुनी और वह उस सुविधा से भी वंचित रह गए।

ग्राम पंचायत कलोल के प्रधान राजकुमार ने बताया कि सुखदेव को अभी तक कोई सरकारी सुविधा नहीं मिल पाई है, जबकि वह इन योजनाओं के लिए पूरी तरह पात्र हैं। कुछ समय पहले गांव में एक चिकित्सा शिविर आयोजित हुआ था जिसमें दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाए गए थे, लेकिन सुखदेव का प्रमाण पत्र नहीं बन पाया। उन्हें कोई पेंशन भी नहीं मिल रही है जिससे वह अपना जीवन यापन कर सकें। उन्होंने बताया कि अब सुखदेव का नाम आईआरडीपी परिवार में शामिल करने के लिए आवेदन किया गया है।

ग्राम पंचायत के सचिव प्रेमलाल ने भी पुष्टि की कि सुखदेव एक गरीब परिवार से संबंध रखते हैं और उन्हें अभी तक कोई सामाजिक सुरक्षा पेंशन या अन्य सरकारी सुविधा नहीं मिल सकी है। हालांकि, अब उनका नाम आईआरडीपी चयन सूची में भेजा गया है और इस पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।

नेहा मानव सेवा संस्था के प्रबंधक पवन बरूर ने बताया कि मार्च तक संस्था की ओर से सुखदेव को 1000 रुपए मासिक सहायता दी गई थी। अब संस्था पात्र परिवारों के दस्तावेजों की जांच कर रही है ताकि सही लाभार्थियों को फिर से सहायता दी जा सके।

For advertisements inquiries on HIM Live TV, Kindly contact us!

Connect with us on Facebook and WhatsApp for the latest updates!

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

spot_img

Popular

More like this
Related

Kangra: गुम्मर में बाल कटवाने गया अरुण कुमार अचानक लापता, CCTV में आखिरी बार आया नजर; तलाश जारी

गुम्मर निवासी अरुण कुमार 25 सितंबर को सुबह बाल कटवाने के लिए घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। CCTV में नजर आने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।

14 किमी के कठिन ट्रैक पर पहुंचे डीसी कांगड़ा, ग्लेशियर झील का लिया जायजा; तत्काल खतरे के नहीं मिले संकेत

डीसी कांगड़ा हेमराज बैरवा और एसडीएम बैजनाथ संकल्प गौतम ने करीब 14 किलोमीटर का कठिन ट्रैक पूरा कर मुल्थान तहसील के पोलिंग क्षेत्र में स्थित ग्लेशियर झील का निरीक्षण किया। प्रशासन के अनुसार फिलहाल झील से तत्काल खतरे के संकेत नहीं मिले हैं।

Kangra: कलियाडा स्कूल के 3 खिलाड़ियों का कमाल, शुभम, शिवांश और आदित्य का अंडर-19 हॉकी में राज्य स्तर पर चयन; जिला प्रतियोगिता में बने...

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कलियाडा के शुभम, शिवांश और आदित्य का अंडर-19 हॉकी में राज्य स्तर के लिए चयन हुआ है। जिला स्तरीय प्रतियोगिता में स्कूल की टीम उपविजेता रही।

Kangra: धर्मशाला में 29 अक्तूबर से सजेगा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, डल झील के पास होगा 15वां संस्करण

धर्मशाला अंतरराष्ट्रीय फिल्म उत्सव का 15वां संस्करण 29 अक्तूबर से 1 नवंबर तक डल झील के समीप तिब्बतन चिल्ड्रन विलेज में आयोजित होगा। प्रशासन ने बिजली, परिवहन, सुरक्षा, चिकित्सा और अन्य व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं।