एम्स बिलासपुर में 6 अक्तूबर को होने वाला पहला दीक्षांत समारोह संस्थान के लिए बेहद खास होने जा रहा है। इस समारोह में चिकित्सा शिक्षा पूरी करने वाले प्रशिक्षु डॉक्टर पारंपरिक हिमाचली पहनावे में नजर आएंगे। समारोह के लिए कुर्ता-पायजामा, सदरी और हिमाचली टोपी को पहनावे के तौर पर प्राथमिकता दी गई है। इससे चिकित्सा शिक्षा की उपलब्धियों के साथ समारोह में हिमाचल की स्थानीय संस्कृति की भी झलक देखने को मिलेगी।
एम्स बिलासपुर के पहले दीक्षांत समारोह में विभिन्न पाठ्यक्रमों के कुल 182 प्रशिक्षु शामिल होंगे। इनमें 92 डॉक्टर हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों इन प्रशिक्षुओं को डिग्रियां प्रदान किए जाने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इनमें 2020 बैच के 43 एमबीबीएस प्रशिक्षु और 2023 बैच के 14 एमडी-एमएस चिकित्सक शामिल हैं। इसके अलावा 2022 बैच के 26 नर्सिंग प्रशिक्षु और नौ पैरामेडिकल प्रशिक्षु भी दीक्षांत समारोह में हिस्सा लेंगे।
पहले दीक्षांत समारोह को यादगार बनाने के लिए प्रशिक्षुओं के पहनावे पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। डॉक्टर सामान्य औपचारिक पोशाक के बजाय कुर्ता-पायजामा और सदरी में नजर आएंगे। इसके साथ सिर पर हिमाचली टोपी पहनने की तैयारी है। पारंपरिक पहनावे से समारोह में हिमाचल की पहाड़ी संस्कृति की खास झलक देखने को मिलेगी।
एम्स बिलासपुर में शिक्षा और प्रशिक्षण पूरा करने वाले डॉक्टर जब डिग्री लेकर स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में आगे बढ़ेंगे, तो यह अवसर उनके लिए संस्थान से जुड़ी एक महत्वपूर्ण स्मृति भी बनेगा। वहीं, एम्स बिलासपुर की शैक्षणिक यात्रा में भी यह समारोह एक अहम पड़ाव माना जा रहा है। संस्थान में चिकित्सा और स्वास्थ्य शिक्षा की शुरुआत के बाद पहली बार प्रशिक्षु यहां से औपचारिक रूप से दीक्षित होकर अपने पेशेवर सफर के अगले चरण में प्रवेश करेंगे।
एम्स प्रशासन के लिए भी पहला दीक्षांत समारोह खास महत्व रखता है। राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए समारोह स्थल, अतिथियों, प्रशिक्षुओं और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
एम्स बिलासपुर के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. दलजीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने अपने संदेश में इस अवसर को संस्थान के लिए विशेष बताया है। उन्होंने इसकी तुलना किसी फूल की पहली कली खिलने और फलदार पेड़ पर पहला फल लगने की खुशी से की है। उन्होंने कहा कि संस्थान में शिक्षा और प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले ये डॉक्टर अब स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में आगे बढ़ेंगे।
एम्स बिलासपुर के पहले दीक्षांत समारोह में जहां संस्थान की शैक्षणिक उपलब्धि सामने आएगी, वहीं हिमाचली परिधान समारोह को स्थानीय रंग देगा। डॉक्टरों का कुर्ता-पायजामा, सदरी और हिमाचली टोपी में डिग्री ग्रहण करना इस समारोह की खास तस्वीर बनने जा रहा है।



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