हिमाचल की सियासत में हिमंत के बयान पर सुक्खू का पलटवार, बोले- कांग्रेस फिर बनाएगी सरकार; असम CM को शपथ ग्रहण का देंगे न्योता

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हिमाचल प्रदेश की सियासत में भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। रविवार को शिमला में भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ रैली में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर निशाना साधते हुए 2027 में हिमाचल में भाजपा की सरकार बनने का दावा किया था। अब मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हिमंत बिस्वा सरमा के बयान पर पलटवार किया है। 

कांग्रेस की बनेगी सरकार, असम के CM को शपथ ग्रहण का न्योता

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हिमंत बिस्वा सरमा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में हिमाचल के अगले शपथ ग्रहण समारोह में आने की बात कही थी। सुक्खू ने कहा कि जब हिमाचल में अगली बार कांग्रेस की सरकार बनेगी तो शपथ ग्रहण समारोह में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित किया जाएगा और असम के मुख्यमंत्री को भी निमंत्रण भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की दोबारा सरकार बनना तय है। 

भाजपा पांच गुटों में बंटी, हिमंत को हिमाचल लाने पर सुक्खू का तंज

मुख्यमंत्री सुक्खू ने भाजपा पर भी निशाना साधते हुए दावा किया कि हिमाचल प्रदेश में भाजपा पांच गुटों में बंटी हुई है। उन्होंने कहा कि इन्हीं गुटों को एकजुट करने के लिए भाजपा को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को हिमाचल लाना पड़ा। सुक्खू ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस फिर से सरकार बनाएगी और भाजपा को पिछली बार से भी कम सीटें मिलेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के 16 विधायक ऐसी स्थिति में नहीं हैं कि वे दोबारा चुनाव जीत सकें। सुक्खू ने कहा कि चुनाव परिणाम आने के बाद उनके दावे की सच्चाई सामने आ जाएगी। 

2022 में हुआ था हिमाचल विधानसभा चुनाव, 2024 के बाद EVM पर उठे सवाल

ईवीएम को लेकर चल रही राजनीतिक बहस पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव वर्ष 2022 में हुए थे, जबकि ईवीएम को लेकर सवाल 2024 के बाद उठाए गए। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को तथ्यों और समयक्रम के आधार पर समझने की जरूरत है। 

RDG बंद होने के बावजूद आर्थिक स्थिति संभालने का दावा

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति और सरकार की ‘व्यवस्था परिवर्तन’ नीति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सुक्खू के अनुसार, पिछले 75 वर्षों से प्रदेश को मिलने वाला राजस्व घाटा अनुदान यानी RDG बंद होने के बावजूद सरकार ने आर्थिक चुनौतियों का सामना किया है। उन्होंने दावा किया कि RDG में करीब 8 से 10 हजार करोड़ रुपये की कमी आने के बावजूद प्रदेश सरकार अपनी आर्थिक व्यवस्था को संभालने में सफल रही है। 

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मुख्यमंत्री ने आर्थिक स्थिति को परिवार के बजट से जोड़ते हुए कहा कि यदि किसी परिवार की मासिक आय 50 हजार या एक लाख रुपये हो और उसमें से 15 से 20 हजार रुपये कम हो जाएं तो परिवार को अपना पूरा बजट नए सिरे से संतुलित करना पड़ता है। इसी तरह सरकार भी एक परिवार की तरह प्रदेश को चला रही है। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार को केंद्र से सहायता मिलने के बावजूद ऐसी आर्थिक चुनौती का सामना करना मुश्किल होता। सुक्खू ने कहा कि RDG बंद होने के बाद भी वर्तमान सरकार ने कर्मचारियों को 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने का फैसला किया है और इसकी राशि कर्मचारियों के खातों में पहुंच रही है। 

‘हिमाचल की संपदा को न लुटने देंगे, न लुटाएंगे’

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रदेश की संपदा और संसाधनों का सही इस्तेमाल जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार प्राकृतिक और आर्थिक संसाधनों को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है। सुक्खू ने कहा, “हिमाचल की जो संपदा है, उस संपदा को न तो हम लुटने दे रहे हैं, न लूट रहे हैं, न लुटने देंगे और न ही लुटाएंगे।” उन्होंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन के माध्यम से सरकार प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। 

रामलीला मैदान की रैली में हिमाचल से भी पहुंचे लोग

दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस और विपक्षी दलों की रैली को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की जिम्मेदारी जनता की आवाज उठाना है। उन्होंने कहा कि रैलियां और आंदोलन लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। सुक्खू ने कहा कि दिल्ली में आयोजित रैली में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और उन्हें खुशी है कि जनता ने लोकतंत्र और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लिया। 

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि SIR के माध्यम से कथित धांधली की जा रही है और कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी इसे रोकने के लिए आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस रैली में हिमाचल प्रदेश से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। सुक्खू ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखना और जनता के मताधिकार की रक्षा करना जरूरी है। 

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