हिमाचल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में जांच करवाने पहुंच रहे मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। क्रस्ना डायग्नोस्टिक्स के कर्मचारियों ने भुगतान और वेतन का मामला अटकने के विरोध में सोमवार सुबह 8 बजे से प्रदेशव्यापी हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते छह मेडिकल कॉलेजों समेत प्रदेश के 86 केंद्रों पर जांच सेवाएं प्रभावित हुई हैं।

जानकारी के अनुसार, सरकार की ओर से कंपनी को भुगतान नहीं किए जाने के कारण क्रस्ना डायग्नोस्टिक्स के कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पाया है। इसी के विरोध में कर्मचारियों ने जांच सेवाएं बंद कर हड़ताल शुरू की है। इसका सीधा असर सरकारी अस्पतालों में संचालित जांच केंद्रों के कामकाज पर पड़ा है।
प्रदेश के छह मेडिकल कॉलेजों समेत कुल 86 केंद्रों पर क्रस्ना डायग्नोस्टिक्स की ओर से जांच सेवाएं संचालित की जा रही हैं। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के कारण इन केंद्रों पर कामकाज प्रभावित हुआ है। ऐसे में उपचार के लिए सरकारी अस्पतालों में पहुंच रहे मरीजों को जरूरी जांच करवाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
भुगतान अटकने से कर्मचारियों को नहीं मिला वेतन
कर्मचारियों की हड़ताल के पीछे मुख्य वजह कंपनी को सरकार की ओर से भुगतान नहीं होना बताई जा रही है। भुगतान अटकने के कारण कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पाया है। इसी मुद्दे को लेकर कर्मचारियों ने जांच सेवाएं बंद कर अपना विरोध जताया है।

मरीजों को निजी लैब का करना पड़ रहा रुख
सरकारी अस्पतालों में सभी प्रकार के टेस्ट की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीज इन जांच केंद्रों पर निर्भर रहते हैं। लेकिन सेवाएं प्रभावित होने के बाद अब मरीजों को जरूरी टेस्ट करवाने के लिए निजी लैब का रुख करना पड़ रहा है। इससे मरीजों और उनके परिजनों पर अतिरिक्त आर्थिक और मानसिक परेशानी बढ़ गई है।
हड़ताल का असर प्रदेशभर के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की जांच व्यवस्था पर पड़ा है। यदि भुगतान और वेतन से जुड़ा विवाद जल्द नहीं सुलझता है तो मरीजों की परेशानी और बढ़ सकती है।


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