हिमाचल प्रदेश में मधुमक्खी पालन से जुड़े लोगों के सामने स्मॉल हाइव बीटल यानी छोटे छत्ते वाले भृंग की समस्या तेजी से बढ़ रही है। खासकर निचले हिमाचल के मधुमक्खी पालक इसके फैलाव से नुकसान झेल रहे हैं। इस समस्या को लेकर शनिवार को मधुमक्खी पालकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात की और अपनी परेशानियों से अवगत करवाया।
उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया के नेतृत्व में मिले प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रदेश में छोटे छत्ते वाले भृंग, एथिना टुमिडा मरे का तेजी से प्रसार हो रहा है। इसके कारण विशेष रूप से निचले हिमाचल में मधुमक्खी पालकों को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। मधुमक्खी पालकों ने इस समस्या के समाधान के लिए सरकार से जरूरी कदम उठाने की मांग रखी।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि मधुमक्खी पालन हिमाचल प्रदेश में एक महत्वपूर्ण कृषि और आजीविका गतिविधि है। यह खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों के लिए अतिरिक्त आय और स्वरोजगार का महत्वपूर्ण साधन है। उन्होंने कहा कि मधुमक्खियां परागण में भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं, इसलिए मधुमक्खी पालन का महत्व केवल शहद उत्पादन तक सीमित नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि स्मॉल हाइव बीटल की समस्या का वैज्ञानिक तरीके से समाधान सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि मधुमक्खी पालकों को आगे किसी तरह के नुकसान का सामना न करना पड़े।



For advertisements inquiries on HIM Live TV, Kindly contact us!
Connect with us on Facebook and WhatsApp for the latest updates!


