शिमला: हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (PGT) के कुल 3,378 पद रिक्त हैं। यह जानकारी एक आरटीआई (RTI) के तहत सामने आई है। जारी आंकड़ों में जिला और विषयवार रिक्त पदों का पूरा ब्यौरा दिया गया है, जिससे प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी की गंभीर स्थिति उजागर हुई है।

जिलावार आंकड़ों के अनुसार कांगड़ा जिले में सबसे अधिक 629 पद रिक्त हैं। इसके बाद मंडी में 557, शिमला में 475, चंबा में 361, सिरमौर में 314, सोलन में 272, ऊना में 237, कुल्लू में 182, बिलासपुर में 127, हमीरपुर में 90, लाहौल-स्पीति में 74 और किन्नौर में 60 पद खाली हैं। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि प्रदेश के कई जिलों में शिक्षकों की कमी का सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ सकता है।

विषयवार रिक्तियों की बात करें तो हिंदी के 321, कॉमर्स के 330, अंग्रेजी के 271, अर्थशास्त्र के 211, इतिहास के 245, राजनीति शास्त्र के 321, गणित के 142, बायोलॉजी के 135, कैमिस्ट्री के 132, फिजिक्स के 100, संस्कृत के 84, भूगोल के 52, समाजशास्त्र के 33, संगीत के 31, होम साइंस के 10, लोक प्रशासन के 9 और मनोविज्ञान के 3 पद रिक्त हैं। इसके अलावा PGT (IP) के 984 पद भी खाली हैं, जो सभी श्रेणियों में सबसे अधिक हैं। आरटीआई के तहत जारी यह जानकारी 29 जुलाई 2026 तक के आंकड़ों पर आधारित है।

इसी बीच उच्च शिक्षा विभाग ने गैर-शिक्षक कर्मचारियों के वेतन निर्धारण को लेकर भी नए निर्देश जारी किए हैं। अब मंत्रालयिक स्टाफ, वरिष्ठ सहायक, कनिष्ठ सहायक, प्रयोगशाला सहायक और पुस्तकालयाध्यक्ष सहित गैर-शिक्षक कर्मचारियों के वेतन निर्धारण संबंधी सभी प्रस्ताव पहले संबंधित जिले के सेक्शन ऑफिसर (वित्त एवं लेखा) से जांच और सत्यापन के बाद ही उच्च शिक्षा निदेशालय भेजे जाएंगे।

उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी सरकारी कॉलेजों, एससीईआरटी, जीसीटीई और संस्कृत कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि बिना जिला स्तर पर सत्यापन के कोई भी वेतन निर्धारण प्रस्ताव सीधे निदेशालय न भेजा जाए। विभाग ने इस प्रक्रिया का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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