हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई से संबद्ध, पंजीकृत और सीबीएसई संबद्धता के लिए स्वीकृत सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए अब दिन में तीन बार उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य होगा। वीएसके (स्विफ्टचैट) पोर्टल पर दर्ज उपस्थिति के सत्यापन के बाद ही संबंधित कर्मचारियों के वेतन बिल तैयार किए जाएंगे। शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार यह व्यवस्था सितंबर से तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
सभी शिक्षक, जिनमें सीबीएसई योजना के तहत नियुक्त शिक्षक भी शामिल हैं, और गैर-शिक्षण कर्मचारी हर कार्य दिवस वीएसके-स्विफ्टचैट पोर्टल पर तीन चरणों में अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपस्थिति दर्ज नहीं करने पर अगले माह के वेतन या मानदेय से संबंधित राशि की कटौती की जा सकती है।
गर्मी वाले स्कूलों में ये रहेगा हाजिरी का समय
ग्रीष्मकालीन स्कूलों में सुबह 9 बजे से 9:15 बजे तक मॉर्निंग चैक-इन करना होगा। इसके बाद दोपहर 12:25 से 12:35 बजे तक मिड-सैशन और स्कूल बंद होने से पहले दोपहर 3 से 3:10 बजे तक चैक-आउट दर्ज करना होगा। प्रधानाचार्य को संबंधित उपस्थिति रिपोर्ट निर्धारित समय सीमा में जमा करनी होगी।
अत्यधिक गर्मी वाले ग्रीष्मकालीन स्कूलों में सुबह 8 से 8:15 बजे, मिड-सैशन में 11:25 से 11:35 बजे और स्कूल बंद होने के समय दोपहर 2 से 2:10 बजे के बीच उपस्थिति दर्ज करनी होगी। वहीं, शीतकालीन स्कूलों में सुबह 10 से 10:15 बजे, मिड-सैशन में दोपहर 1:25 से 1:35 बजे और स्कूल बंद होने के समय शाम 4 से 4:10 बजे के बीच चैक-आउट करना होगा।
हाजिरी नहीं लगाई तो अगले महीने वेतन में कटौती
शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पोर्टल पर उपस्थिति का सत्यापन किए बिना शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के वेतन बिल तैयार नहीं किए जाएंगे। यदि कोई कर्मचारी निर्धारित तरीके से उपस्थिति दर्ज नहीं करता है तो नियमानुसार संबंधित राशि अगले माह के वेतन या मानदेय से काटी जा सकती है।
शिक्षा विभाग ने वीएसके (स्विफ्टचैट) आधारित उपस्थिति पोर्टल को जल्द ही ई-सैलरी प्रणाली के साथ जोड़ने का भी निर्णय लिया है। इसके बाद उपस्थिति का स्वत: सत्यापन कर वेतन बिल तैयार करने की व्यवस्था की जा सकेगी। यदि किसी कर्मचारी को वेतन से की गई कटौती पर आपत्ति है तो वह निदेशक स्कूल शिक्षा, हिमाचल प्रदेश के समक्ष अपील कर सकेगा।
प्रधानाचार्यों और बीईईओ को सख्ती से पालन के निर्देश
निदेशक स्कूल शिक्षा ने सभी उपनिदेशकों को निर्देश दिए हैं कि संबंधित प्रधानाचार्यों और ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों (बीईईओ) को नई व्यवस्था की जानकारी दी जाए और इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करवाया जाए। यह व्यवस्था प्रदेश के सभी संबंधित सरकारी सीबीएसई स्कूलों में सितंबर से लागू मानी जाएगी।
अगले सत्र से नई वर्दी में नजर आएंगे छात्र
सरकारी सीबीएसई स्कूलों में अगले शैक्षणिक सत्र से छात्रों की वर्दी में भी बदलाव देखने को मिलेगा। शिक्षा निदेशालय स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों से वर्दी को लेकर सुझाव लेने के बाद नई वर्दी लागू करेगा। इसके लिए स्कूल प्रबंधन को 15 दिन के भीतर ड्रेस का डिजाइन भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा स्कूल प्रबंधन को संबंधित क्षेत्रों के अभिभावकों से भी लिखित रूप में ऑनलाइन सुझाव भेजने के लिए प्रेरित करने को कहा गया है। हालांकि स्कूलों में छात्रों की वर्दी का रंग हरा होगा। प्रदेश में वर्तमान में 155 सरकारी सीबीएसई स्कूल संचालित हैं, जिनमें 90 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं।



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