Himachal: हिमाचल प्रशासनिक हलचल: ओंकार चंद शर्मा से हटाए गए अहम विभाग, जनजातीय विकास तक सीमित

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हिमाचल प्रदेश सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ओंकार चंद शर्मा से उनके सभी अहम विभागों का कार्यभार वापस ले लिया है। अब उनके पास केवल जनजातीय विकास विभाग की जिम्मेदारी रह गई है। यह कदम उस अनुशासनात्मक कार्रवाई का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें शर्मा को लगभग 17 दिन पहले जबरन छुट्टी पर भेजा गया था। दरअसल, सरकार ने उन्हें हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत की जांच सौंपी थी, जिसके लिए 14 दिन की समय-सीमा तय की गई थी। लेकिन जांच के बीच ही शर्मा ने सरकार की अनुमति के बिना हिमाचल हाईकोर्ट में एक एफिडेविट दाखिल कर दिया, जिसे अनुशासनहीनता मानते हुए सरकार ने त्वरित प्रभाव से उन्हें छुट्टी पर भेज दिया था।

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अब सरकार ने उनके अधीन रहे गृह, राजस्व, वन, सतर्कता जैसे सभी प्रमुख विभागों का कार्यभार वापस ले लिया है और अतिरिक्त मुख्य सचिव केके पंत को सौंप दिया है। साथ ही, केके पंत को हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष का अतिरिक्त कार्यभार भी दिया गया है। केके पंत 1993 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान प्रशासनिक ढांचे में अब और भी अधिक जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।

इसी प्रशासनिक फेरबदल के दौरान, विमल नेगी मामले में नाम आने के बाद हटाए गए हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत निगम के पूर्व प्रबंध निदेशक हरिकेश मीणा की भी सेवा में वापसी हुई है। उन्हें विशेष सचिव, युवा सेवाएं एवं खेल विभाग के पद पर तैनात किया गया है। मीणा वर्तमान में इसी मामले में जमानत पर हैं।

सरकार द्वारा छुट्टी पर भेजे गए ओंकार चंद शर्मा अब सोमवार से दोबारा कार्यभार संभालने जा रहे हैं, लेकिन इस बार केवल जनजातीय विकास विभाग के अंतर्गत। उनके पास पहले जो विभाग थे, उन्हें अब अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को सौंप दिया गया है। वहीं, इस मामले में छुट्टी पर भेजे गए शिमला के पूर्व एसपी संजय गांधी की अब तक सरकार में वापसी नहीं हुई है।

इस घटनाक्रम को लेकर ओंकार चंद शर्मा की पत्नी ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लिखा, “न जाने कौन-सी शिकायतों का हम शिकार हो गए, जितना दिल साफ रखा उतने गुनहगार हो गए।” उनके इस भावनात्मक संदेश के बाद कई लोगों ने सोशल मीडिया पर उनका समर्थन किया और कहा कि ईमानदार अधिकारी के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए था। अधिकतर लोगों ने विश्वास जताया कि अंततः सत्य की जीत होगी।

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