बद्दी: औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में औषधि नियंत्रण विभाग और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक बंद गोदाम से बिना वैध अनुमति के रखी गई बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं बरामद की हैं। देर रात हुई इस कार्रवाई में करीब चार लाख गोलियां-कैपसूल और इंजेक्शन मिले हैं। अधिकारियों के अनुसार बरामद दवाओं में कुछ ऐसी दवाएं भी शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल नशे के लिए किया जा सकता है। मामले में पुलिस ने एएस केमिकल के मालिक अंकित शुक्ला के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
औषधि नियंत्रण विभाग को गोदाम में अवैध रूप से दवाओं के भंडारण की सूचना मिली थी। इसके बाद विभाग की टीम ने थाना बद्दी के एसएचओ और पुलिस जवानों के साथ मिलकर अभियान चलाया। देर रात गोदाम की तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं बरामद हुईं। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ये दवाएं कहां से लाई गई थीं, इन्हें कहां भेजा जाना था और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
गोदाम से मिलीं ये दवाएं
तलाशी के दौरान बरामद स्टॉक में टैपेंटाडोल एचसीएल 100 एमजी टैबलेट, सेफ्ट्रियाक्सोन एवं सल्बैक्टम इंजेक्शन, गैबापेंटिन और नॉर्ट्रिप्टिलीन एचसीएल टैबलेट तथा फेरस एस्कॉर्बेट एवं फोलिक एसिड सस्पेंशन शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, बरामद ड्रग्स पारदर्शी पॉलीबैग में पैक थीं। इन्हें बायो-कैपस इंडिया लिमिटेड के नाम वाले खाकी रंग के गत्ते के डिब्बों में रखा गया था।
स्टॉक और पैकिंग को किया सील
ड्रग इंस्पेक्टर ने बरामद स्टॉक और उसकी पैकिंग को नियमानुसार सील कर दिया है। जांच के लिए दवाओं के नमूने भी लिए गए हैं। विभाग अब बरामद दवाओं की वास्तविकता, निर्माण स्रोत और सप्लाई चेन की जांच कर रहा है। संबंधित निर्माताओं और वितरकों से भी दवाओं के स्रोत की पुष्टि की जा रही है।
पहले भी NDPS मामले में गिरफ्तार हो चुका है आरोपी
जांच में सामने आया है कि मामले में शामिल आरोपी अंकित को इससे पहले 8 और 9 मई को हुई संयुक्त कार्रवाई के दौरान एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था। उस समय भी दवा नियंत्रक प्रशासन और पुलिस ने एनडीपीएस के दायरे में आने वाली दवाओं से जुड़ी अवैध गतिविधियों के खिलाफ छापा मारा था। इसके बाद आरोपी को नकली दवा के एक मामले में हरियाणा ले जाया गया था।
ड्रग्स कंट्रोलर ने दी कार्रवाई की जानकारी
ड्रग्स कंट्रोलर डॉ. मनीष कपूर ने कहा कि बरामद स्टॉक को जब्त कर लिया गया है। विभाग अब दवाओं की वास्तविकता, उनके निर्माण स्रोत और सप्लाई चेन की जांच कर रहा है। उन्होंने बताया कि संबंधित निर्माताओं और वितरकों से संपर्क कर दवाओं के स्रोत की पुष्टि की जा रही है।




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