शिमला पुलिस ने नशे के काले कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। अगस्त 2025 में दर्ज चिट्टा तस्करी के एक मामले में बैकवर्ड लिंकेज की जांच करते हुए पुलिस ने हरियाणा के अंबाला से एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस पूरे ड्रग नेटवर्क में अब तक कुल 9 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और बैंक खातों की गहन जांच के बाद कर्ण (34), निवासी पंचकूला और वर्तमान में जीरकपुर में रह रहे आरोपी को अंबाला से गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि कर्ण का इस ड्रग नेटवर्क के मुख्य आरोपियों के साथ सीधा संपर्क था। उसके और सह-अभियुक्तों के बीच करीब 10 लाख रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के पुख्ता सबूत भी मिले हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी इस पूरे सिंडिकेट को फंडिंग और समन्वय देने का काम कर रहा था।
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि कर्ण कोई नया खिलाड़ी नहीं, बल्कि नशे की तस्करी का पुराना आरोपी है। उसके खिलाफ हरियाणा के पंचकूला, पिंजौर और चंडी मंदिर थानों में पहले से ही एनडीपीएस एक्ट के तहत कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
इस मामले की शुरुआत 22 अगस्त 2025 को हुई थी, जब रामपुर पुलिस ने सांगला (किन्नौर) के तीन युवकों प्रशांत नेगी, अविनाश ठाकुर और देवन जोश को 17.150 ग्राम चिट्टा के साथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद जांच आगे बढ़ी और राजदीप, कृष्ण कुमार, इवान, हिमांशु और परविंदर जैसे अन्य आरोपियों को भी पकड़ा गया। अब कर्ण की गिरफ्तारी को इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने में एक अहम कड़ी माना जा रहा है।
पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे 16 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। अब पुलिस उससे पूछताछ कर रही है ताकि इस ड्रग चेन के बाकी लिंक और ठिकानों का पता लगाया जा सके।
मामले की पुष्टि करते हुए एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई सिर्फ नशा पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे तस्करी नेटवर्क को जड़ से खत्म करने तक जारी रहेगी।
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