“आपकी मां को मेरा प्रणाम…” वर्ल्ड कप जीत के बाद पीएम मोदी ने की हिमाचल की रेणुका ठाकुर की मां की दिल छू लेने वाली तारीफ़

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भावनात्मक पल: वर्ल्ड कप जीत के बाद पीएम मोदी ने हिमाचल की रेणुका ठाकुर की मां के संघर्ष को किया सलाम

नई दिल्ली/शिमला, 6 नवंबर। भारतीय महिला क्रिकेट टीम द्वारा वर्ल्ड कप जीतने के बाद जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजेता टीम से मुलाकात की, तो उस पल में हिमाचल प्रदेश की बेटी रेणुका ठाकुर और उनकी मां चर्चा का केंद्र बन गईं।

प्रधानमंत्री ने रेणुका से बातचीत के दौरान उनकी मां की संघर्षभरी यात्रा की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा, “मैं आपकी माताजी को विशेष रूप से प्रणाम करूंगा। कितनी कठिन परिस्थितियों में उन्होंने अपनी बेटी को आगे बढ़ाने के लिए मेहनत की — यह वाकई प्रेरणादायक है।”

पीएम मोदी ने आगे कहा कि सिंगल पेरेंट होते हुए भी एक मां अपनी बेटी को इतना आगे ले जाए, यह अपने आप में बहुत बड़ी बात है। उन्होंने रेणुका से कहा, “जब आप घर पहुंचें तो अपनी मां को मेरी ओर से प्रणाम कहना।”

प्रधानमंत्री की इन बातों को सुनकर रेणुका ठाकुर भी भावुक हो गईं। उनके चेहरे पर गर्व और कृतज्ञता दोनों झलक रहे थे।

हिमाचल में गर्व की लहर, मां के संघर्ष की हुई जीत

प्रधानमंत्री की ओर से मिली इस प्रशंसा ने न सिर्फ रेणुका, बल्कि पूरा हिमाचल गर्व से भर गया। लोग कह रहे हैं कि यह केवल रेणुका की नहीं, बल्कि उनकी मां के संघर्ष की भी जीत है, जिन्होंने कठिनाइयों के बावजूद बेटी के सपनों को पंख दिए।

रोहड़ू की बेटी बनी टीम इंडिया की स्टार

रेणुका ठाकुर हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रोहड़ू के पारसा गांव की रहने वाली हैं। यहीं से उन्होंने क्रिकेट की शुरुआत की थी। स्थानीय स्तर पर खेलते हुए उनकी प्रतिभा जल्द ही चमकने लगी और वे एचपीसीए की धर्मशाला स्थित क्रिकेट अकादमी के लिए चयनित हुईं।

वर्ष 2019 में, उन्होंने बीसीसीआई महिला एकदिवसीय प्रतियोगिता में सबसे ज़्यादा 23 विकेट लेकर सबका ध्यान खींचा। इसके बाद उन्हें उसी साल भारतीय महिला टीम-ए में जगह मिली।

वर्ष 2021 में, रेणुका का चयन टीम इंडिया के लिए हुआ और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डेब्यू के बाद से वह टीम की नियमित सदस्य हैं।

रेणुका की कहानी और उनकी मां का संघर्ष आज देशभर की बेटियों के लिए प्रेरणा बन गया है। पीएम मोदी के शब्दों ने उस संघर्ष को एक राष्ट्रीय पहचान दी — एक मां की जीत, जो अपनी बेटी के सपनों के लिए सब कुछ न्योछावर कर गई।

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