परवाणू के नए बस अड्डे में बारिश ने खोली व्यवस्था की पोल, दुकानों में घुसा पानी; सामान खराब होने से लाखों के नुकसान का दावा

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परवाणू। तेज बारिश ने परवाणू के नए बस अड्डे की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बारिश का पानी बस अड्डा परिसर में इस कदर भर गया कि कई दुकानों के अंदर तक पानी पहुंच गया। अचानक हुए जलभराव से दुकानदारों का सामान भीग गया, जबकि फ्रिज समेत कई बिजली के उपकरण खराब होने की बात सामने आई है। दुकानदारों के अनुसार उन्हें लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है।

नया बस अड्डा होने के बावजूद बारिश के पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि हर बार बारिश के दौरान जलभराव की समस्या सामने आती है, लेकिन इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभाग से सवाल है कि इस समस्या के समाधान के लिए गंभीर कदम कब उठाए जाएंगे।

दुकानदारों के अनुसार उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई लगाकर दुकानों में सामान रखा है। बारिश के दौरान पानी दुकानों के भीतर पहुंचने से खाद्य सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामान खराब होने का खतरा बना रहता है। इस बार भी अचानक हुए जलभराव के कारण काफी सामान पानी में भीग गया।

नया बस अड्डा या जलभराव का अड्डा?

परवाणू के नए बस अड्डे में बारिश के बाद बने हालात प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। यदि बारिश के दौरान पानी दुकानों के अंदर तक पहुंच रहा है, तो भारी बारिश होने पर स्थिति और ज्यादा खराब होने की आशंका है। स्थानीय दुकानदारों का सवाल है कि बस अड्डे के निर्माण के समय जल निकासी व्यवस्था का पर्याप्त ध्यान क्यों नहीं रखा गया।

दुकानदार यह भी जानना चाहते हैं कि क्या निर्माण और ड्रेनेज व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों ने मौके की स्थिति का उचित निरीक्षण किया था। उनका कहना है कि बारिश के बाद पानी निकाल देना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है, बल्कि ऐसी व्यवस्था जरूरी है जिससे भविष्य में जलभराव ही न हो।

दुकानदारों के नुकसान की भरपाई कौन करेगा?

बारिश के पानी से दुकानों में हुए नुकसान के बाद प्रभावित दुकानदारों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण करने और नुकसान का आकलन करने की मांग की है। साथ ही जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने की भी मांग उठाई गई है।

स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि बारिश हर साल होती है, लेकिन जलभराव की समस्या का समाधान अब तक नहीं हो पाया है। उनका सवाल है कि आखिर कब इस समस्या को गंभीरता से लिया जाएगा। दुकानदारों की मांग है कि नए बस अड्डे की ड्रेनेज व्यवस्था की तकनीकी जांच कराई जाए, जिम्मेदारी तय की जाए और भविष्य में दुकानों के अंदर पानी घुसने की समस्या पर स्थायी रोक लगाई जाए।

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