चम्बा जिले के बनीखेत क्षेत्र की ग्राम पंचायत मनोला के कई गांवों में इन दिनों जंगली भालू की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों में डर का माहौल है। पंचायत के गोली, टिकरू और मंधीयार गांव में भालू को बार-बार देखे जाने की सूचना है। खेतों में काम करने वाली महिलाओं और स्कूल जाने वाले बच्चों को सबसे ज्यादा चिंता सता रही है। भालू के खेतों और घरों के आसपास घूमने से ग्रामीणों को हर समय किसी अप्रिय घटना का डर बना हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार इन दिनों खेतों में मक्की की फसल पककर तैयार हो रही है। मक्की खाने के लिए भालू जंगल से निकलकर रिहायशी इलाकों और खेतों का रुख कर रहा है। इससे किसानों की फसल को भी नुकसान पहुंच रहा है। वहीं, मानसून के कारण खेतों में घास काफी बढ़ गई है, जिसके बीच भालू आसानी से छिप सकता है। गांव की महिलाओं को मवेशियों के लिए रोजाना खेतों से घास काटने जाना पड़ता है, लेकिन भालू की मौजूदगी के कारण वे डर के माहौल में यह काम करने को मजबूर हैं।
सुबह के समय स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों और ड्यूटी पर जाने वाले सरकारी व निजी कर्मचारियों को भी रास्ते में भालू के सामने आने का डर बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि भालू की लगातार आवाजाही के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है और लोग अकेले खेतों या रास्तों पर जाने से भी घबरा रहे हैं।
वन विभाग से पिंजरा लगाकर भालू को पकड़ने की मांग
भालू की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए स्थानीय निवासी प्रकाश चंद, रवि कुमार, नंद लाल, अशोक कुमार, सुनील, सोनू और राकेश सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग डल्हौजी से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने आग्रह किया है कि किसी व्यक्ति, महिला या बच्चे के साथ कोई अप्रिय घटना होने से पहले वन विभाग पिंजरा लगाकर भालू को पकड़े और उसे किसी दूर घने जंगल में छोड़े।
ग्रामीणों का कहना है कि भालू की लगातार मौजूदगी को देखते हुए समय रहते कदम उठाना जरूरी है। यदि जल्द उचित कार्रवाई नहीं की गई तो किसी बड़ी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।




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