नेपाल में बुधवार को आई अचानक और भीषण बाढ़ के बाद भारत के कई राज्यों के नागरिक प्रभावित हुए हैं। पश्चिम बंगाल के कोलकाता से कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गया 32 सदस्यीय दल नेपाल-तिब्बत सीमा के रसुवागढ़ी में बाढ़ आने के बाद संपर्क से बाहर हो गया है। दल में 30 पर्यटक और दो टूर मैनेजर शामिल हैं। वहीं केरल के कन्नूर जिले के पय्यानूर क्षेत्र के 37 पर्यटक नेपाल में फंसे हुए हैं, हालांकि सभी के सुरक्षित होने की जानकारी सामने आई है। कर्नाटक समेत कई राज्यों ने अपने नागरिकों की जानकारी जुटाने और उनकी सुरक्षित वापसी के लिए हेल्पलाइन शुरू की हैं। नेपाल सरकार के अनुसार, भूकंप आने के कुछ ही मिनट बाद अचानक बाढ़ आई थी।
कोलकाता का 32 सदस्यीय दल संपर्क से बाहर
कोलकाता से कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर निकला 32 सदस्यीय दल नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ के बाद संपर्क से बाहर हो गया। दल में 30 पर्यटक और दो टूर मैनेजर शामिल हैं। यह दल 21 अगस्त को कोलकाता से रवाना हुआ था और अगले दिन नेपाल पहुंचा था। अधिकारियों के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे दल रसुवागढ़ी पहुंचा था, जहां से उसे नेपाल-तिब्बत सीमा पार कर तिब्बत जाना था। दल के सदस्य इमिग्रेशन कार्यालय में मौजूद थे, तभी इलाके में अचानक बाढ़ आ गई।
बाढ़ के बाद से दल के किसी भी सदस्य से संपर्क नहीं हो पाया है। प्रभावित क्षेत्र में संचार व्यवस्था बुरी तरह बाधित होने के साथ ही मौके तक पहुंचना भी बेहद मुश्किल बताया जा रहा है। टूर एजेंसी के प्रतिनिधि दिव्य ज्योति बसु के अनुसार, दल के दोनों मैनेजर जयंत सान्याल और नृपेन सरकार के मोबाइल में रोमिंग सुविधा थी। उनसे आखिरी बार सुबह करीब 8 बजे संपर्क हुआ था। इसी दौरान कुछ पर्यटकों ने फेसबुक पर लाइव भी किया था। इसके बाद सभी से संपर्क टूट गया। टूर एजेंसी के अनुसार, नेपाल में अंतरराष्ट्रीय यात्रा की व्यवस्था संभालने वाली एजेंसी ने प्रभावित क्षेत्र में एक हेलीकॉप्टर भी भेजा है।
पश्चिम बंगाल सरकार ने शुरू की हेल्पलाइन
पश्चिम बंगाल सरकार ने कहा है कि वह नेपाल में फंसे राज्य के पर्यटकों, तीर्थयात्रियों, कामगारों और कारोबारियों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। राज्य सरकार भारतीय दूतावास और नेपाल के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। चंदननगर और उत्तर 24 परगना के बारासात के कुछ लोगों के भी नेपाल में फंसे या लापता होने की जानकारी सामने आई है। प्रभावित लोगों के परिजनों की सहायता के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने 033-24793311 और 9147890181 हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। इसके अलावा कोलकाता पुलिस ने 18003455678 और व्हाट्सऐप नंबर 9874902880 जारी किया है।
केरल के 37 पर्यटक सुरक्षित, लेकिन नेपाल में फंसे
केरल के कन्नूर जिले के पय्यानूर विधानसभा क्षेत्र के 37 लोग भी नेपाल में फंसे हुए हैं। पय्यानूर के विधायक वी. कुन्हीकृष्णन ने बताया कि सभी लोग सुरक्षित हैं, लेकिन बाढ़ के कारण उनकी आगे की यात्रा रुक गई है और वे नेपाल से वापस भी नहीं लौट पा रहे हैं। विधायक के अनुसार, उन्होंने सभी 37 पर्यटकों के मौजूदा स्थान और फोन नंबर मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के कार्यालय को उपलब्ध करा दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने उनकी सुरक्षित वापसी के लिए जरूरी कदम उठाने का भरोसा दिया है।
विधायक ने बताया कि सभी पर्यटकों से बात हो चुकी है और उनके परिवारों को भी उनकी स्थिति की जानकारी दे दी गई है। ऐसे में परिजनों को घबराने की जरूरत नहीं है। केरल सरकार ने पर्यटकों और उनके परिजनों की मदद के लिए 9447111844 और 9737132147 हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।
कर्नाटक ने भी अपने नागरिकों की जानकारी जुटानी शुरू की
कर्नाटक सरकार ने नेपाल और तिब्बत के स्वायत्त क्षेत्र में फंसे राज्य के लोगों की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। राज्य का आपदा प्रबंधन विभाग टूर ऑपरेटरों, परिजनों और फंसे लोगों से उनकी जानकारी साझा करने की अपील कर रहा है। इसका उद्देश्य बचाव और सुरक्षित निकासी के लिए केंद्र सरकार तथा भारतीय दूतावासों के साथ समन्वय करना है। कर्नाटक के लोग 1070 या 080-22253707 पर राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।
कई राज्यों ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
नेपाल में आई बाढ़ के बाद कई राज्यों ने अपने नागरिकों की सहायता के लिए नियंत्रण कक्ष और हेल्पलाइन शुरू की हैं। उत्तर प्रदेश के लिए 1070, महाराष्ट्र के लिए 1070 और +91-9321587143, तेलंगाना के लिए 9871999044, 9949351270 और 9618597969, राजस्थान के लिए 1070, 112, 0141-2851960, 0141-2385776, 0141-2385777, 0141-2227296, 0141-2927392 और 0141-2227603, ओडिशा के लिए 011-23012807, 7428135044 और 8527580245 तथा सिक्किम के लिए 03592201145, 03592202461 और 03592202256 नंबर जारी किए गए हैं।
नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने भी प्रभावित भारतीय नागरिकों के लिए +977 985 131 6807, +977 970 910 7500 और +977 981 032 6117 नंबर जारी किए हैं। ये नंबर व्हाट्सऐप पर भी उपलब्ध हैं।
भूकंप के कुछ मिनट बाद आई भीषण बाढ़
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने संसद को बताया कि बुधवार सुबह स्थानीय समयानुसार 8:37 बजे तिब्बत क्षेत्र में भूकंप आया था। इसके करीब तीन मिनट बाद फ्लैश फ्लड की सूचना मिली। इसके बाद आशंका जताई जा रही है कि भूकंप के झटकों के कारण ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट यानी हिमनद झील फटने की घटना हुई हो, जिससे अचानक बड़ी मात्रा में पानी नीचे की ओर बहा।
इस बाढ़ ने नेपाल के कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है। सड़कें और पुल बह गए हैं, घरों और वाहनों को नुकसान पहुंचा है और कई इलाकों का संपर्क टूट गया है। बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं, जबकि सैकड़ों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में संचार और आवागमन की व्यवस्था बाधित होने के कारण प्रशासन के सामने लोगों की सही स्थिति और संख्या का पता लगाना बड़ी चुनौती बनी हुई है।
100 मीटर ऊंची लहर ने पल भर में मचाई तबाही
काठमांडू पोस्ट के अनुसार, रसुवा के मुख्य सीमा शुल्क अधिकारी राजेंद्र ढुंगाना ने बताया कि जब वह बाहर भागे तो उन्होंने ऊपर की ओर से धुएं जैसे गुबार के साथ पानी की एक विशाल दीवार को तिमुरे बाजार की ओर तेजी से आते देखा। उनके अनुसार, बाढ़ करीब 100 मीटर ऊंची लहर की तरह बाजार में दाखिल हुई और कुछ ही पलों में पूरा बाजार बह गया।




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