शिमला/नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर सोमवार को आयोजित संसद मार्च में देशभर से बड़ी संख्या में युवा दिल्ली पहुंचे, जिनमें हिमाचल प्रदेश के कई छात्र और युवा भी शामिल रहे। प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज में कई युवाओं के घायल होने की सूचना है। इनमें राजधानी शिमला की पूर्व भाजपा पार्षद के बेटे समेत अन्य छात्र भी शामिल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद अभिभावकों में चिंता का माहौल है और वे अपने बच्चों से संपर्क कर उनकी कुशलक्षेम जानने का प्रयास कर रहे हैं।

ठियोग निवासी शरण्या वर्मा भी इस प्रदर्शन में शामिल हुईं। वह वर्तमान में दिल्ली में एमए की पढ़ाई कर रही हैं। शरण्या ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में लिया था। उन्होंने कहा कि देश में लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं से युवा वर्ग बेहद निराश और हताश है। उनके अनुसार इस मामले में जिम्मेदारी तय होना और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होना जरूरी है।

बिलासपुर से प्रदर्शन में पहुंचे रजनीश ने बताया कि दिल्ली में आयोजित इस संसद मार्च और प्रदर्शन में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों के युवाओं ने सक्रिय भागीदारी की। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के दौरान कई छात्रों को चोटें आई हैं।

उधर, दिल्ली में छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर एक दिवसीय शांतिपूर्ण सांकेतिक धरना आयोजित किया गया। सामाजिक कार्यकर्ता रवि कुमार दलित ने इस घटना को बर्बरतापूर्ण बताते हुए कहा कि यह देश के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने छात्रों की मांगों को तुरंत स्वीकार करने की मांग उठाई।

प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग भी की। साथ ही लाठीचार्ज की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच करवाने और कथित रूप से जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। इस मौके पर आंबेडकर वेलफेयर सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष प्रितपाल सिंह मट्टू सहित कई अन्य लोग भी मौजूद रहे।
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