सोलन। राज्यपाल के कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर डॉ. वाई.एस. परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के पांच शिक्षकों को नोटिस जारी होने के बाद सोमवार को कुलपति कार्यालय के बाहर जमकर हंगामा हुआ। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एचएस बवेजा को अपने कार्यालय का दरवाजा अंदर से बंद करना पड़ा और बाहर सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को भी मौके पर बुलाना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, नौणी विवि की डॉ. आशु चंदेल की अगुवाई में चार शिक्षक नोटिस जारी होने का कारण पूछने के लिए कुलपति कार्यालय पहुंचे थे। जैसे ही शिक्षक वीसी से मिलने के लिए उनके कार्यालय की ओर बढ़े, वहां तैनात सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोक दिया। शिक्षकों ने इसका विरोध किया, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। शिक्षक वीसी से मिलने पर अड़े रहे और उनके इंतजार में कार्यालय के बाहर ही कुर्सियां लगाकर बैठ गए। कुछ देर बाद पुलिस मौके पर पहुंची और समझाने के बाद सभी शिक्षक वहां से अपने कार्यालयों की ओर चले गए।
दरअसल, राज्यपाल कविंद्र गुप्ता 2 अक्तूबर को सोलन के गण की सेर में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शामिल हुए थे। नौणी विश्वविद्यालय के पांच शिक्षक डॉ. आशु चंदेल, डॉ. सुभाष शर्मा, डॉ. रंजना, डॉ. राकेश शर्मा और डॉ. निधिश गौतम भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे। विश्वविद्यालय प्रशासन का आरोप है कि ये पांचों शिक्षक विवि में आंदोलन कर रहे छात्रों को उकसाकर राज्यपाल से मिलने के लिए ले गए थे। हालांकि शिक्षकों ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। इसी मामले को लेकर उन्हें नोटिस जारी किया गया है।
अब यह विवाद बढ़ता जा रहा है। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि कुलपति ने उन्हें मिलने का समय नहीं दिया तो वे विश्वविद्यालय के चांसलर और प्रदेश के राज्यपाल से मुलाकात कर अपना पक्ष रखेंगे।
दरवाजा तोड़ने का किया प्रयास: वीसी
डॉ. वाईएस परमार विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एचएस बवेजा ने बताया कि सोमवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे उनके कार्यालय के बाहर हंगामा हो रहा था। उन्होंने सुरक्षा अधिकारी को बुलाकर पूछा कि बाहर क्या हो रहा है। सुरक्षा अधिकारी ने उन्हें अंदर से दरवाजा बंद करने को कहा और आशंका जताई कि कहीं कोई उन पर हमला न कर दे। वीसी के अनुसार, उन्हें बाहर मौजूद लोगों के इरादे की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि कुलपति से मिलने की एक निर्धारित प्रक्रिया होती है और उसका पालन किया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि शिक्षकों ने दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस अब मामले में अपनी कार्रवाई कर रही है।
राज्यपाल के कार्यक्रम में छुट्टी वाले दिन गए थे: डॉ. आशु चंदेल
नौणी विश्वविद्यालय की शिक्षक डॉ. आशु चंदेल ने कहा कि वह राज्यपाल के कार्यक्रम में छुट्टी वाले दिन गई थीं और उन्हें इसके लिए आमंत्रित किया गया था। उन्होंने कहा कि राज्यपाल नौणी विश्वविद्यालय के चांसलर भी हैं, ऐसे में उनके कार्यक्रम में शामिल होना कैसे गैरकानूनी हो गया। डॉ. चंदेल के अनुसार, वह सोमवार को नोटिस जारी किए जाने का कारण पूछने के लिए कुलपति से मिलने गई थीं, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि यदि कुलपति उनसे नहीं मिलते हैं तो वे विश्वविद्यालय के चांसलर और प्रदेश के राज्यपाल से मिलकर अपना पक्ष रखेंगी।


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