Mandi: मंडी की त्रासदी में अनाथ हुए बच्चों को मिला नया सहारा: सरकार बनी अभिभावक

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जून 2025 के अंतिम सप्ताह में मंडी जिला भीषण प्राकृतिक आपदा की चपेट में आ गया, जिसने कई परिवारों की ज़िंदगी को पूरी तरह से बदल कर रख दिया। इस त्रासदी ने जहां लोगों के घरों को तबाह किया, वहीं कई मासूम बच्चे अपने माता-पिता की छांव से हमेशा के लिए वंचित हो गए। इन परिस्थितियों में हिमाचल प्रदेश सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए प्रभावित बच्चों के लिए “मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना” और “इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना” को प्रभावी रूप से लागू किया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार इन योजनाओं के माध्यम से यह सुनिश्चित कर रही है कि आपदा से प्रभावित बच्चों को न केवल आर्थिक सहायता मिले, बल्कि शिक्षा और सुरक्षा भी मिलती रहे।

चच्योट तहसील की ग्राम पंचायत तलवाड़ा की निवासी नीतिका, जिसने इस आपदा में अपने माता-पिता दोनों को खो दिया, अब “चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट” घोषित की गई है। उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने जानकारी दी कि नीतिका को मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत प्रतिमाह 4000 रुपए की सहायता राशि प्रदान की जा रही है, जो कि उसे 27 वर्ष की आयु तक मिलती रहेगी। जुलाई और अगस्त 2025 के लिए कुल 8000 रुपए की राशि नीतिका के बैंक खाते में स्थानांतरित की जा चुकी है। यह सहायता उसकी शिक्षा के साथ-साथ जीवन की अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में उपयोगी होगी।

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करसोग क्षेत्र की ग्राम पंचायत सनारली भी इस आपदा से अछूती नहीं रही। भुट्टी गांव के निवासी ललित कुमार की मृत्यु के बाद उनके पीछे 14 वर्षीय कृतिका वर्मा, 10 वर्षीय अंशिका और 8 माह का राघव रह गए। सरकार ने इन तीनों बच्चों को इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के अंतर्गत शामिल करते हुए प्रति बच्चे 1000 रुपए प्रतिमाह की आर्थिक सहायता मंजूर की है। जुलाई और अगस्त माह के लिए ₹2000 प्रति बच्चे के अनुसार यह राशि उनके संयुक्त बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी गई है, जो उनकी शिक्षा और पालन-पोषण के लिए उपयोग होगी।

इसी पंचायत के सुरमू गांव में रहने वाले जीत राम की भी इस आपदा में मृत्यु हो गई। उनके दो बेटे—15 वर्षीय परमजीत और 12 वर्षीय रणजीत—को भी इसी योजना के अंतर्गत शैक्षणिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। इन बच्चों की पढ़ाई और अन्य आवश्यकताओं की जिम्मेदारी अब सरकार ने अपने कंधों पर ले ली है।

उपायुक्त अपूर्व देवगन ने बताया कि सराज क्षेत्र में ऐसे 8 अन्य बच्चों की पहचान की गई है, जो इस त्रासदी से प्रभावित हुए हैं। इन सभी को भी दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी होने के पश्चात इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता दी जाएगी। उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जिला प्रशासन अत्यंत संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ कार्य कर रहा है ताकि प्रत्येक पात्र बच्चे तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाया जा सके।

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