हिमाचल प्रदेश के बहुप्रतीक्षित कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार की कवायद अब तेज हो गई है। प्रदेश सरकार ने परियोजना के तहत अधिग्रहित भूमि को सुरक्षित करने के लिए एक करोड़ 16 लाख रुपये का बजट जारी कर दिया है। यह राशि पर्यटन विभाग को सौंपी गई है। इसके बाद अब लोक निर्माण विभाग के माध्यम से जमीन की बाउंड्री और तारबंदी का काम शुरू किया जाएगा।
तारबंदी से सुरक्षित होगी अधिग्रहित जमीन
एयरपोर्ट विस्तार परियोजना के तहत अधिग्रहित भूमि की सुरक्षा के लिए बाउंड्री और तारबंदी का काम अहम माना जा रहा है। इससे जमीन सुरक्षित रहेगी और आगे होने वाले ढांचागत निर्माण कार्यों के लिए व्यवस्थित ग्राउंड तैयार किया जा सकेगा। लोक निर्माण विभाग जल्द ही इससे जुड़ी औपचारिकताएं पूरी कर काम शुरू करेगा।
रनवे ब्रिज की ऊंचाई पर खत्म होगा सस्पेंस
कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार परियोजना का सबसे जटिल तकनीकी हिस्सा मांझी खड्ड पर प्रस्तावित रनवे ब्रिज है। ब्रिज की ऊंचाई और ढांचे को लेकर तकनीकी समीक्षा अब अंतिम चरण में बताई जा रही है। रिव्यू रिपोर्ट जल्द ही सरकार को सौंपी जाएगी।
रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर ही रनवे ब्रिज की अंतिम ऊंचाई तय होगी। इसके बाद यह स्पष्ट होगा कि परियोजना के इस महत्वपूर्ण तकनीकी चरण को किस डिजाइन के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। ब्रिज की ऊंचाई को लेकर अंतिम निर्णय परियोजना की आगे की दिशा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पर्यटन को मिलेंगे नए पंख
कांगड़ा एयरपोर्ट का विस्तार केवल कांगड़ा जिले के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के पर्यटन और आर्थिकी के लिए महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। एयरपोर्ट के विस्तार से धर्मशाला, मकलोडगंज और प्रदेश के अन्य पर्यटन स्थलों तक देश-विदेश के पर्यटकों की पहुंच आसान होने की उम्मीद है।


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