Shimla: डिजिटल इंडिया में चमका हिमाचल! केंद्र सरकार ने दिया ‘पीपल फर्स्ट इंटीग्रेशन’ अवार्ड, जानें किस वजह से मिला ये सम्मान

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शिमला, 7 नवंबर। डिजिटलीकरण की दिशा में हिमाचल प्रदेश ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने राज्य को ‘पीपल फर्स्ट इंटीग्रेशन’ अवार्ड से सम्मानित किया है। यह सम्मान मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित ‘डिजी लॉकर 2025’ राष्ट्रीय कार्यशाला और सम्मेलन के दौरान दिया गया।

यह अवार्ड हिमाचल सरकार के डिजिटल टेक्नोलॉजीज और गवर्नेंस विभाग को नागरिक केंद्रित डिजिटल सेवाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए मिला है। विभाग के सचिव आशीष सिंघमार ने यह प्रतिष्ठित पुरस्कार ग्रहण किया।

‘हिम सेवा’, ‘हिम परिवार’ और ‘हिम एसैस’ की सफलता

हिमाचल को यह सम्मान उसकी तीन प्रमुख परियोजनाओं — हिम सेवा (ई-डिस्ट्रिक्ट), हिम परिवार, और हिम एसैस कार्ड — के प्रभावी एकीकरण के लिए दिया गया। इन डिजिटल पहलों के जरिए राज्य सरकार ने नागरिकों को 51 से अधिक ऑनलाइन सेवाएं घर बैठे उपलब्ध कराई हैं।

मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (इनोवेशन, डिजिटल टेक्नोलॉजी और गवर्नेंस) गोकुल बुटेल ने कहा,

“यह सम्मान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के दूरदर्शी नेतृत्व और निरंतर मार्गदर्शन का परिणाम है। हिमाचल सरकार तकनीक और नवाचार के माध्यम से नागरिकों तक पारदर्शी और कुशल सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।”

उन्होंने बताया कि हिम परिवार और हिम एसैस परियोजनाओं का लक्ष्य एक एकीकृत डिजिटल ईकोसिस्टम बनाना है, जिससे हर नागरिक को सभी सरकारी सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हों।

53 सार्वजनिक दस्तावेज अब डिजी लॉकर से जुड़े

विभाग के निदेशक डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि हिमाचल ने मिशन मोड में काम करते हुए 53 प्रकार के सार्वजनिक प्रमाण पत्र और दस्तावेजों को डिजी लॉकर प्लेटफॉर्म के साथ जोड़ दिया है।

इनमें शामिल हैं:

• हिम परिवार और हिम एसैस कार्ड

• बोनाफाइड हिमाचली प्रमाण पत्र

• परिवार रजिस्टर की प्रति

• आय, निवास और चरित्र प्रमाण पत्र

• हिम सेवा पोर्टल के माध्यम से जारी अन्य सेवाएं

मुख्यमंत्री की समीक्षा से मिली रफ्तार

गोकुल बुटेल ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू खुद हर महीने राज्य के डिजिटलाइजेशन मिशन की समीक्षा करते हैं। इस सक्रिय मॉनिटरिंग की वजह से सभी विभागों में डिजिटल परिवर्तन को गति मिली है।

“डिजिटल हिमाचल का लक्ष्य सिर्फ ऑनलाइन सेवाएं देना नहीं, बल्कि नागरिकों को तकनीक के माध्यम से सशक्त बनाना है।”

हिमाचल बना डिजिटल गवर्नेंस में अग्रणी राज्य

इस उपलब्धि के साथ हिमाचल प्रदेश ने फिर साबित किया है कि पहाड़ी राज्य भी तकनीकी नवाचार में देशभर में उदाहरण बन सकते हैं। राज्य की डिजिटल पहलें न सिर्फ प्रशासनिक दक्षता बढ़ा रही हैं, बल्कि आम जनता के जीवन को भी आसान बना रही हैं।

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