हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सहारा योजना का संचालन और क्रियान्वयन अब सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा किया जा रहा है। जिला कल्याण अधिकारी सोलन विवेक अरोड़ा ने बताया कि योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के गंभीर और लंबे समय से बीमार मरीजों को वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाना है।

विवेक अरोड़ा के अनुसार मुख्यमंत्री सहारा योजना के तहत पार्किसन रोग, मैलिग्नेंट कैंसर, स्थायी दिव्यांगता के साथ लकवा, दीर्घकालिक उपचाराधीन या शय्याग्रस्त मरीजों को सहायता दी जाती है। इसके अलावा मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया, तीव्र या दीर्घकालिक गुर्दा विफलता से पीड़ित मरीज तथा ऐसी अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति, जिनके कारण वे स्थायी रूप से काम करने में असमर्थ हो गए हैं, भी योजना का लाभ ले सकते हैं।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से होगा आवेदन से भुगतान तक का काम
जिला कल्याण अधिकारी ने बताया कि हिमाचल सरकार ने मुख्यमंत्री सहारा योजना की आवेदन से लेकर भुगतान तक की प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के लिए नया ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तैयार किया है। इसका उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को आधुनिक और आसान बनाना है, ताकि आवेदकों को योजनाओं का लाभ एक ही सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन मिल सके।

उन्होंने बताया कि जिन आवेदकों और लाभार्थियों के आवेदन हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा सोसाइटी के पास लंबित रखे गए थे, उन्हें सहायता राशि प्राप्त करने के लिए दोबारा आवेदन करना होगा।
यहां कर सकते हैं आवेदन
इच्छुक और लंबित आवेदक मुख्यमंत्री सहारा योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन https://himparivar.hp.gov.in/ekalyan पर कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी लोक मित्र केंद्र के माध्यम से भी आवेदन करवाया जा सकता है।
विवेक अरोड़ा ने बताया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता लाभार्थियों की पहचान और सत्यापन के साथ आवश्यक प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं को पूरा करने में भी सहायता करेंगी।

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