Himachal: हिमाचल में आपदा में लापता लोगों के परिजनों को बड़ी राहत — अब 7 साल नहीं करना पड़ेगा इंतज़ार, जल्द मिलेगा मृत्यु प्रमाण पत्र

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शिमला, 3 नवंबर। हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस बार मानसून के दौरान भूस्खलन और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं में लापता हुए लोगों के परिजनों को बड़ी राहत दी है। अब उन्हें मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) के लिए 7 साल तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सरकार ने वर्ष 2023 के दिशा-निर्देशों को दोबारा लागू करते हुए इन मामलों में प्रक्रिया को सरल बना दिया है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को पत्र भेजकर स्पष्ट किया है कि 2025 के मानसून के दौरान लापता हुए लोगों के मामलों में 2023 के दिशा-निर्देश ही लागू रहेंगे। हालांकि, यह व्यवस्था केवल 2025 की प्राकृतिक आपदाओं में लापता हुए लोगों तक सीमित होगी। भविष्य में किसी नई आपदा की स्थिति में फिर से अलग मंजूरी लेनी होगी।

अब जल्दी मिलेगा मृत्यु प्रमाण पत्र

पहले सामान्य स्थिति में किसी लापता व्यक्ति का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए 7 साल तक इंतजार करना पड़ता था। लेकिन अब इस वर्ष आपदा में लापता हुए 46 लोगों के परिवारों को यह प्रमाण पत्र जल्द मिल सकेगा।

केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार —

• जिनके शव मिल चुके हैं, उनके मामलों में सामान्य प्रक्रिया के तहत मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।

• जबकि जिनके शव नहीं मिले हैं लेकिन मृत्यु की संभावना है, उनके मामलों में उत्तराखंड में 2021 में लागू नियमों की तरह कार्यवाही होगी।

30 दिन में पूरी होगी प्रक्रिया

2021 के निर्देशों के अनुसार —

• लापता व्यक्तियों की सूची समाचार पत्र और सरकारी वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी।

• 30 दिन का समय दावे और आपत्तियों के लिए दिया जाएगा।

• यदि 30 दिनों के भीतर कोई दावा या आपत्ति नहीं आती, तो मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा।

प्रदेश में सभी जिलों के परगना मजिस्ट्रेट (SDM) को अभिहित अधिकारी और जिलाधीश को अपीलीय अधिकारी नियुक्त किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने दिए अनुपालन के निर्देश

मुख्य रजिस्ट्रार (जन्म एवं मृत्यु) सह निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं, हिमाचल प्रदेश ने सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों और जिला रजिस्ट्रारों को आदेश जारी किए हैं कि इन दिशा-निर्देशों का ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सख्ती से पालन किया जाए।

427 मौतें, 46 लोग अब भी लापता

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के मुताबिक, इस वर्ष मानसून के दौरान हिमाचल प्रदेश में 427 लोगों की मौत हुई है, जबकि 46 लोग अब भी लापता हैं।

• इनमें से 242 मौतें बारिश, भूस्खलन और बिजली गिरने जैसी घटनाओं में हुई हैं।

• अब तक 481 लोग घायल, 8,858 घर क्षतिग्रस्त, और 2,478 मवेशी मारे जा चुके हैं।

• 584 दुकानें और 7,048 पशुशालाएं भी बर्बाद हो चुकी हैं।

• आपदा से राज्य को 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने का अनुमान है।

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