हिमाचल के 1.80 लाख गरीब परिवारों को मिलेगी 300 यूनिट मुफ्त बिजली, महिलाओं को हर माह ₹1,500; जानें कौन होगा पात्र

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हिमाचल प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर करीब 1.80 लाख परिवारों को अब हर महीने 300 यूनिट तक निशुल्क बिजली देने की तैयारी पूरी हो गई है। ग्रामीण विकास विभाग की ओर से पात्र परिवारों की पहचान के लिए किया जा रहा सर्वेक्षण लगभग पूरा हो चुका है। सरकार इस सुविधा को अपनी महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री अपना परिवार, सुखी परिवार योजना के तहत लागू करने जा रही है। इसी योजना के तहत गरीब परिवारों की करीब 2.50 लाख महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता भी दी जाएगी।

प्रियंका गांधी कर सकती हैं योजना का शुभारंभ

प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री अपना परिवार, सुखी परिवार योजना राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर 2 अक्तूबर को सोलन से शुरू की जाएगी। इस दौरान पात्र गरीब परिवारों को 300 यूनिट तक निशुल्क बिजली और महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह की सहायता दिए जाने की योजना है। चर्चा है कि इस महत्वाकांक्षी योजना का औपचारिक शुभारंभ कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद प्रियंका गांधी के हाथों कराया जा सकता है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पार्टी स्तर पर इसे बड़े राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रम के रूप में आयोजित किए जाने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।

दो प्रमुख चुनावी गारंटियों को एक योजना में लाने की तैयारी

सरकार कांग्रेस की दो प्रमुख चुनावी गारंटियों को एकीकृत कर व्यापक सामाजिक सुरक्षा मॉडल तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। सरकार का मानना है कि अलग-अलग विभागों के माध्यम से योजनाएं चलाने के बजाय पात्र परिवारों को एकीकृत रूप से लाभ दिया जाए। इसी सोच के तहत मुख्यमंत्री अपना परिवार, सुखी परिवार योजना को व्यापक स्वरूप दिया गया है। योजना के तहत चयनित परिवारों को बिजली बिल में राहत के साथ महिला मुखिया या पात्र महिला सदस्य के बैंक खाते में हर महीने 1,500 रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी।

वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने प्रदेश की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये देने और 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध करवाने का वादा किया था। विपक्ष लगातार इन चुनावी गारंटियों के क्रियान्वयन को लेकर सरकार पर सवाल उठाता रहा है। ऐसे में दोनों वादों को एकीकृत योजना के माध्यम से लागू करने की तैयारी को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पड़ोसी राज्य पंजाब में भी उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जा रही है।

75 हजार रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले परिवार होंगे बाहर

योजना का लाभ लेने के लिए परिवार की वार्षिक आय 75 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा एक हेक्टेयर से अधिक भूमि, आयकरदाता सदस्य या सरकारी, अर्धसरकारी अथवा निजी नौकरी करने वाला सदस्य होने पर परिवार को अंतिम सूची से बाहर कर दिया जाएगा। पात्रता तय करने की प्रक्रिया में सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्राथमिकता दी गई है।

27 वर्ष से कम आयु के अनाथ बच्चों वाले परिवारों को पात्र पूल में शामिल किया जाएगा। ऐसे परिवार भी इस दायरे में होंगे, जिनमें केवल 59 वर्ष से अधिक आयु के सदस्य हैं और 27 से 59 वर्ष की आयु का कोई वयस्क सदस्य नहीं है।

महिला मुखिया वाले परिवारों को भी पात्रता

महिला मुखिया वाले ऐसे परिवार जिनमें 27 से 59 वर्ष की आयु का कोई वयस्क सदस्य नहीं है, उन्हें भी पात्रता के दायरे में रखा गया है। इनमें विधवा, अविवाहित, तलाकशुदा और परित्यक्त महिलाएं शामिल हैं। 40 प्रतिशत या इससे अधिक दिव्यांगता वाले मुखिया के परिवारों को भी पात्र पूल में शामिल किया जाएगा।

इसके अलावा जिन परिवारों के सभी वयस्क सदस्यों ने पिछले वित्तीय वर्ष में मनरेगा में कम से कम एक दिन काम किया है, उन्हें भी प्रारंभिक पात्रता मिलेगी। कैंसर, अल्जाइमर, पार्किंसंस, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, हीमोफीलिया और थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारी के कारण स्थायी रूप से अक्षम कमाने वाले सदस्य वाले परिवार भी इस दायरे में आएंगे। दुर्घटना में रीढ़ की हड्डी में चोट लगने के कारण स्थायी रूप से बिस्तर पर पड़े कमाने वाले सदस्य वाले परिवारों को भी पात्रता पूल में शामिल किया जाएगा।

चार कसौटियां पूरी नहीं हुईं तो योजना से बाहर

प्रारंभिक पात्रता के बाद परिवारों की अंतिम जांच की जाएगी। जांच में अपात्र पाए जाने वाले परिवारों को योजना की अंतिम सूची से बाहर कर दिया जाएगा। सरकार ने उदाहरण के जरिए पात्रता प्रक्रिया को भी स्पष्ट किया है। यदि परिवार के सभी वयस्क सदस्यों ने मनरेगा में कम से कम एक दिन काम किया है, तो परिवार पहले पात्र पूल में शामिल होगा। लेकिन जांच के दौरान यदि उसकी वार्षिक आय 75 हजार रुपये से अधिक पाई जाती है तो उसे अंतिम सूची से बाहर कर दिया जाएगा।

वहीं, यदि परिवार की वार्षिक आय 75 हजार रुपये या उससे कम है, उसके पास एक हेक्टेयर या उससे कम जमीन है और परिवार में कोई आयकरदाता या नौकरी करने वाला सदस्य नहीं है, तो उसे अंतिम रूप से योजना का पात्र माना जाएगा। ऐसे में अब नजर इस बात पर है कि 2 अक्तूबर को सोलन से शुरू होने वाली इस योजना का लाभ किन परिवारों को मिलता है और सरकार पात्रता की प्रक्रिया को किस तरह अंतिम रूप देती है।

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