राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला में HGCTA की नई कार्यकारिणी गठित, डॉ. परवेश गिल बने अध्यक्ष; शताब्दी वर्ष पर भव्य सम्मेलन का फैसला

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राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला में हिमाचल प्रदेश गवर्नमेंट कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन (HGCTA) की स्थानीय इकाई का पुनर्गठन किया गया है। महाविद्यालय के पुराने स्टाफ रूम में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में वरिष्ठ प्राध्यापकों ने भाग लिया। बैठक में एसोसिएशन की स्थानीय इकाई को और अधिक सक्रिय एवं मजबूत बनाने के साथ शिक्षकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में सर्वसम्मति से पुरानी कार्यकारिणी को भंग कर नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। नई कार्यकारिणी में डॉ. परवेश गिल को अध्यक्ष, डॉ. पूनम कुमारी धीमान को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, डॉ. शैली पारुल भदवाल को उपाध्यक्ष, डॉ. गौरव महाजन को महासचिव और प्रो. गोविंद सिंह को कोषाध्यक्ष चुना गया।

इसके अलावा डॉ. अमित कटोच और डॉ. दीपिका ठाकुर को सह सचिव की जिम्मेदारी दी गई, जबकि डॉ. हर्ष दीपिका दत्ता को प्रेस सचिव बनाया गया। सलाहकार मंडल में प्रो. संजय जसरोटिया, डॉ. बलराज सिंह बांद्राल, डॉ. वी. एस. वत्स, डॉ. अंजलि शर्मा और प्रो. अशोक कुमार को शामिल किया गया।

बैठक में राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के गौरवशाली इतिहास को देखते हुए आगामी शताब्दी वर्ष को खास अंदाज में मनाने का भी फैसला लिया गया। सदस्यों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया कि महाविद्यालय के 100 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर भव्य सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने का प्रयास किया जाएगा।

बैठक के दौरान महाविद्यालय के शिक्षकों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। विशेष रूप से करियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) और विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की अधिसूचना जल्द जारी करवाने को लेकर आगामी रणनीति पर विचार किया गया। सदस्यों ने कहा कि शिक्षकों से जुड़े लंबित मामलों को उचित मंच पर प्रभावी तरीके से उठाया जाएगा और उनके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएंगे।

बैठक में डॉ. वीएस. वत्स, डॉ. आशीष रंजन, डॉ. नरेश मनकोटिया, डॉ. सरिता, डॉ. भरत, डॉ. शेफाली, डॉ. शिष्टा, डॉ. रीतू, डॉ. अंजना खरवाल, डॉ. नीरज कौशल और डॉ. अजय कुमार सहित अन्य प्राध्यापक मौजूद रहे।

बैठक के अंत में सदस्यों ने नवगठित कार्यकारिणी को बधाई और शुभकामनाएं दीं। सदस्यों ने विश्वास जताया कि नई टीम शिक्षकों के हितों के साथ-साथ राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला की शैक्षणिक गरिमा और विकास को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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